jyotiraditya scindia and Rahul Gandhi

    नई दिल्ली. कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को लेकर फिर एक बार राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का दर्द छलका है। उन्होंने सोमवार को कहा कि अगर सिंधिया ने अलग रास्ता न चुना होता तो वह आज मुख्यमंत्री जरुर बन जाते। उन्होंने कहा कि सिंधिया कांग्रेस में रहकर ही मुख्यमंत्री बन सकते थे लेकिन भाजपा में पिछड़ गए। उन्हें भारतीय जनता पार्टी में कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “सिंधिया के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ काम कर संगठन को मजबूत बनाने का विकल्प था। मैंने उनसे कहा था कि आप मेहनत कीजिए, एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।”

    राहुल गांधी ने आगे कहा कि, “बीजेपी में सिंधिया बैकबेंचर हैं।” उन्होंने कहा, “लिख कर ले लीजिए वो वहां कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। उन्हें वापस यहीं आना होगा।” राहुल गांधी ने इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से वैचारिक तौर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि, “हर क़दम पर, हमें RSS मानसिकता के ख़िलाफ़ अहिंसात्मक संघर्ष करना है- ताकि भारत की विविधता व संस्कृति पर आँच ना आए।”

    उल्लेखनीय है कि 2018 में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को बड़ी जीत मिली थी। उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा कमलनाथ के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खूब खींचतान हुई थी, लेकिन अंत में पार्टी ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया था। मुख्यमंत्री पद नहीं मिलने से भले ही वह नाराज थे लेकिन वह पार्टी में बने रहे।सिंधिया ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। कांग्रेस के सूत्रों कि माने तो उस समय सिंधिया को पार्टी की गुटबाजी से हार का सामना करना पड़ा था।

    सिंधिया 11 मार्च 2020 को अपने खेमे के 20 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस की मध्य प्रदेश सरकार गिर गई थी। वहीं जून में भाजपा के टिकट पर सिंधिया राज्यसभा के सदस्य चुने गए।