Raj Thackeray's entry in former police commissioner-home minister Anil Deshmukh's letter dispute, said- home minister must immediately resign

    मुंबई: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को लिखे गए एक लेटर से महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में भूचाल आ गया है। परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्टी लिखकर राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा कि, NIA द्वारा गुरफ्तार API सचिन वझे (Sachin Waze) से गृहमंत्री अनिल हर महीने 100 करोड़ रुपए देने की डिमांड करते थे। इसके लेटर के सामने आने के बाद से देश में सियासी हालचाल तेज़ हो गई है और अब अनिल देशमुख के इस्तीफे की लगातार मांग उठ रही है। ऐसे में MNS प्रमुख राज ठाकरे ने ट्वीट कर इस मामले को और भी गरमा दिया है। 

    राज ठाकरे ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “इस लेटर से महाराष्ट्र की छवि ख़राब हो रही है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख को फ़ौरन इस्तीफा देना चाहिए और इस मामले में पूरी जांच होनी चाहिए।” 

       बता दें कि, करीब आठ पन्नो के अपने पत्र में परमबीर सिंह ने गृह मंत्री देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने कहा है कि, “अनिल देशमुख अपने अधिकारी को पिछले कुछ महीनों में  बार-बार सरकारी निवास ज्ञानेश्वर बुलाया है और रुपयों की उगाही का निर्देश दिया। फ़रवरी के मध्य और उसके बाद के गृह मंत्री ने सचिन वाझे को उनके आधिकारिक निवास पर बुलाया था। उस समय, एक या दो कर्मचारी  गृह मंत्री के सदस्यों सहित उनके निजी सचिव भी उपस्थित थे।” 

    लेटर में सिंह ने लिखा है कि, “मुंबई में 1,750 बार, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठान हैं और अगर एक से भी 2-3 लाख रुपये जमा किया जाता है तो हर महीने 40-50 करोड़ रुपए जमा किया जा सकता है।”