Ashok Gehlot

जयपुर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस में युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार (Hathras Rape Case) के बाद पुरे देश में गुस्से और रोष का माहौल है. हाथरस जैसा अपराध राजस्थान (Rajasthan) के बारां (Baran) में हुआ जहां दो बच्चियों के साथ बलात्कार किया गया और उन्हे सड़क पर छोड दिया. इस घटना के बाद पूरे राजस्थान में बवाल मच गया है. वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gahlot) ने सरकार का बचाव करते हुए कहा, “हाथरस और बारां की तुलना सही नहीं, दोनों बलात्कार में फर्क.”

मुख्यमंत्री गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा, “हाथरस में हुई घटना बेहद निंदनीय है, उसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है लेकिन दुर्भाग्य से राजस्थान के बारां में हुई घटना को हाथरस की घटना से कम्पेयर किया जा रहा है.”

उन्होंने कहा, “जबकि बारां में बालिकाओं ने स्वयं मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए 164 के बयानों में अपने साथ ज्यादती नहीं होने एवं स्वयं की मर्जी से लड़कों के साथ घूमने जाने की बात कही. बालिकाओं का मेडिकल भी करवाया गया एवं अनुसन्धान में सामने आया कि लड़के भी नाबालिग हैं, जांच आगे भी जारी रहेगी.” 

विपक्ष गुमराह कर रहा
गहलोत ने कहा, “घटना होना एक बात है और कार्यवाही होना दूसरी, घटना हुई तो कार्यवाही भी तत्काल हुई. इस केस को मीडिया का एक वर्ग और विपक्ष हाथरस जैसी वीभत्स घटना से कम्पेयर करके प्रदेश और देश की जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं.”

क्या है मामला?
राजस्थान के बारां जिले से 13 और 15 वर्षीया दो नाबालिक बच्चियों को कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था और उन्हें जयपुर और कोटा ले जाया गया था जहाँ तीन दिनों तक उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था.

भाजपा का राहुल और प्रियंका वाड्रा पर निशाना
हाथरस मामले पर कांग्रेस के रुख को लेकर और राजस्थान में हुए बलात्कार कोलेकर मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह (Siddarthnath Singh) ने राहुल और प्रियंका वाड्रा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेता राजस्थान का दौरा क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी राजस्थान में हो रही घटनाओं पर जवाब नहीं देंगे? वे जिले का दौरा कर इस मुद्दे पर (हाथरस दुष्कर्म की घटना) राजनीति करना चाहते हैं.”