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नयी दिल्ली. कोरोना वायरस के खिलाफ रूस द्वारा विकसित स्पुतनिक-5 टीका 95 प्रतिशत से ज्यादा असरदार पाया गया है। रूसी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के सीईओ किरिल दिमित्रिव ने मंगलवार को यह बात कही। मॉस्को से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दिमित्रिव ने कहा कि स्पुतनिक-5 केवल असरदार ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे “किफायती” टीकों में शामिल है।

गमालेया नेशनल रिसर्च सेंटर ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी तथा आरडीआईएफ ने स्पुतनिक-5 टीका को विकसित किया है। आरडीआईएफ के सीईओ ने कहा कि इस टीका को दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच रखा जा सकता है। इससे इसे आसानी से कहीं भी पहुंचाया जा सकता है।

दिमित्रिव ने कहा कि टीका 95 से ज्यादा असरदार रहा है। यह केवल रूस के लिए ही नहीं बल्कि समूची दुनिया के लिए खुशखबरी है। भारत के लिए भी यह अच्छी खबर है क्योंकि दवा कंपनी डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज स्पुतनिक-5 टीका के प्रायोगिक परीक्षण और इसके वितरण की दिशा में भी काम कर रही है।

दिमित्रिव ने कहा कि जिन देशों में प्रायोगिक परीक्षण हुआ है, वहां के नियामकों के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि रूस और अन्य देशों में 42,000 लोगों पर परीक्षण किया गया। दिमित्रिव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में भी प्रायोगिक परीक्षण के आंकड़ों को प्रकशित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “स्पुतनिक-5 टीका की एक खुराक की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 डॉलर से कम होगी। टीका की अगली खुराक लगानी होगी और कीमत 20 डॉलर से कम होगी। इतना ही कारगर टीका के मुकाबले इसकी कीमत आधी होगी।”

आरडीआईएफ के सीईओ ने कहा कि टीका को दो से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जा सकता है। वैश्विक स्तर पर कारोना वायरस का टीका विकसित करने के अभियान में कई दवा कंपनियां जुटी हुई हैं। दवा कंपनी फाइजर और उसकी जर्मन सहयोगी कंपनी ने भी अपने टीका को 95 प्रतिशत तक कारगर बताया है। अमेरिका की दवा कंपनी मॉडर्ना ने भी कहा है कि उसका टीका वायरस को रोकने में 94.5 प्रतिशत तक असरदार रहा है। (एजेंसी)