Surendran

नयी दिल्ली. बीते सोमवार को लगातार छठे दिन पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतें बढ़ीं। उसके बाद पेट्रोल के दाम में 30 पैसे और डीजल में 26 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। आज जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि कई उच्च स्तर पर पहुंच गई है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण जहां आम जनता पीड़ित है, वहीं केरल के भाजपा अध्यक्ष, के.सुरेंद्रन (K. Surendran) ने कहा है कि लोग इसके  बारे में चिंतित नहीं हैं और यह  चुनावों को प्रभावित नहीं करेगा।

दरअसल पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों में हुई वृद्धि केरल के भाजपा अध्यक्ष, के. सुरेंद्रन (K.Surendran) का कहना है कि “मतदाता बढ़ती ईंधन की कीमतों के बारे में कतई चिंतित नहीं हैं और मूल्य वृद्धि आने वाले चुनावों को प्रभावित नहीं करेगा।” गौरतलब है कि 

केरल में फिलहाल स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी चल रही है। उस समय के.सुरेंद्रन ने यह बयान दिया है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि यह स्थिति इसीलिए पैदा हुई क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने अपने शासन-काल के दौरान तेल कंपनियों को कीमतें निर्धारित करने का अधिकार दिया था। 

सुरेंद्रन ने यह भी कहा है कि “देश में बढ़ती ईंधन की कीमतें लोगों को प्रभावित नहीं करेंगी और इसलिए यह एक कोई बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं है,” उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि, UPA सरकार के दौरान हमने खुद ईंधन की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ विरोध किया था। उनका यह भी कहना था कि “हम लोगों को मुफ्त चावल, खाना पकाने के लिए गैस, सस्ती दवा, किसानों के मानदेय और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं, यही कारण है कि हम देश में सभी चुनाव जीत रहे हैं,” । उन्होंने दावा किया कि UPA शासन के दौरान, देश में पेट्रोल की कीमत 87 रुपये थी और अब मोदी सरकार में यह 83 रुपये है।इस बीच पत्रकार द्वारा यह बताने पर कि, UPA शासन के दौरान, पेट्रोल की कीमत 67 रुपये थी, सुरेंद्रन ने खारिज कर दिया।