File Photo
File Photo

    देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) में विधानसभा सीट सल्ट (Salt Assembly Poll) पर 17 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव को लेकर प्रदेश में सरगर्मियां तेज हो गई हैं।  सत्ताधारी भाजपा (BJP) ने प्रत्याशी तय करने के लिए बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) के साथ मंथन किया। दूसरी तरफ, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सल्ट से कांग्रेस महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish Rawat) को उतारे जाने की वकालत की। उपाध्याय ने ट्वीट किया, ‘’मेरा सुझाव है कि सल्ट उपचुनाव से भाजपा के उम्मीदवार तीरथ सिंह रावत को और कांग्रेस के उम्मीदवार हरीश रावत को होना चाहिए।”    

    गौरतलब है कि नवंबर में भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का कोविड-19 से निधन होने से रिक्त हुई सल्ट सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है।  अल्मोड़ा की सल्ट सीट के लिए कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के नेतृत्व में बनी पार्टी की तीन सदस्यीय समिति के साथ मुख्यमंत्री रावत से चर्चा करने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने संवाददाताओं को बताया कि यह समिति क्षेत्र में जाकर कार्यकर्ताओं से मिलेगी और अच्छे प्रत्याशियों के नाम का एक पैनल तैयार कर उन्हें सौंपेगी। कौशिक ने बताया कि इस पैनल पर शनिवार को प्रदेश की चुनाव संचालन समिति या कोर ग्रुप की बैठक होगी और वहां से नाम तय करके केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा ताकि जल्द से जल्द पार्टी प्रत्याशी का नाम घोषित किया जा सके।    

    उन्होंने कहा कि प्रत्याशी के नामांकन पत्र भरने के दौरान मुख्यमंत्री रावत और वह स्वयं वहां मौजूद रहेंगे।    भाजपा सूत्रों ने बताया कि जीना की असमय मृत्यु से क्षेत्र में पैदा सहानुभूति की लहर पर सवार होकर विधानसभा पहुंचने के लिए भाजपा में कई उम्मीदवार दौड़ में शामिल हैं जिनमें मुख्य रूप से पार्टी के पुराने कार्यकर्ता दिनेश मेहरा, दिवंगत नेता के भाई महेश जीना, उद्योगपति गिरीश कोटनाला तथा कुछ समय पहले भाजपा में आए डॉ. यशपाल रावत शामिल हैं ।   

    सल्ट सीट पर मुख्यमंत्री रावत के चुनाव लड़ने की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर कौशिक ने कहा कि उनकी पार्टी में प्रत्याशी का चयन केंद्रीय संसदीय बोर्ड ही करता है। यह पूछे जाने पर कि क्या उपचुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचना उनके (रावत के लिए) लिए अच्छा विकल्प नहीं है, इस पर कौशिक ने कहा, ‘’मुख्यमंत्री के पास दूसरा विकल्प भी है। जो विधायक उनके लिए सीट खाली करेगा, वह लोकसभा का चुनाव लड़ेगा।”    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बदरीनाथ से विधायक महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ने की बात कही है तो इस संबंध में उनसे भी बातचीत की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या किसी दूसरे दल का विधायक भी मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ सकता है तो उन्होंने कहा कि राजनीति में सभी संभावनाएं खुली हैं।   

    राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह जो अभी पौडी गढ़वाल क्षेत्र से सांसद हैं, विधायक बनने के बाद उनकी खाली सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह को लोकसभा उपचुनाव लड़ाया जा सकता है। यह स्थिति दोनों ही नेताओं के लिए मनमाफिक होगी।