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नयी दिल्ली.  खाकी और खादी  का आपस में गहरा रिश्ता रहा है। कुछ ऐसा ही  देखने को मिला जब ऐच्छिक सेवानिवृति प्राप्त बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) के राजनीति के अखाड़े  में उतरने कि बात चली। हालाँकि अभी इस पर पांडेय ने कुछ साफ़ नहीं किया है। लेकिन अब शिवसेना के कद्दावर  नेता और पार्ट प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) ने इसे गुप्तेश्वर पांडेय का ‘राजकीय तांडव’ बताया।

दरअसल ऐच्छिक सेवानिवृति लेने के एक दिन बाद बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने आज यानि बुधवार को कहा था  कि उन्होंने चुनाव लड़ने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया है। वहीं अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में अपने सेवाकाल के दौरान अपनी मुखरता को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं जोड़ कर देखे जाने के बारे में उन्होंने कहा, ”कोई कुछ भी बोल सकता है। सुशांत मामले से मेरे वीआरएस का कुछ भी लेना—देना नहीं है।”

चुनाव लड़ने के बारे में अपनी योजना के बारे में पूछे जाने पर पांडेय ने कहा, ”मैं चुनाव लड़ुंगा, यह भी मैंने अभी कहां कहा है। बक्सर, बेगूसराय, जहानाबाद और वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र सहित कई जिलों के शुभचिंतकों का दबाव है।” वहीं BJP में शामिल होने कि बात पर उन्होंने कहा था  कि,” मैं अभी किसी राजनीतिक दल में न शामिल हुआ हूं और न ही राजनीतिक व्यक्ति हूं। जब मैं तय करुंगा कि राजनीति में जाना और कौन दल में शामिल जाना है वह भी मैं बताउंगा।”

अब उनके इसी कथनी पर महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और पार्टी प्रवक्ता संजय राउत ने इसे गुप्तेश्वर पांडेय का ‘राजकीय तांडव’ करार दिया। उन्होंने मीडिया के साथ हुए अपनी बात में कहा कि, गुप्तेश्वर पाण्डेय का महाराष्ट्र पर उनके ‘राजकीय तांडव’ के पीछे का एजेंडा अब स्पष्ट हो गया  है। यह व्यक्ति मुंबई मामले पर अपने बयानों के साथ एक राजनीतिक एजेंडा चला रहा था और अब  उन्हें इसका  पुरस्कार प्राप्त होने  जा रहा है। अब जो भी जो पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है, उस पार्टी विशेष पर लोगों का भरोसा कभी भी कायम नहीं होगा।

चाहे जो हो इतना तो स्पष्ट है कि खादी और खाकी एक दुसरे के पूरक हैं और संविधान में दोनों की  ही अपनी एक जगह और रुतबा है । फिलहाल इस मामले में खादी और खाकी कितना एक दुसरे का साथ निभाएंगे यह तो वक़्त ही बताएगा। लेकिन यहाँ तो यक्ष प्रश्न यह है कि कभी खाकी धारण किया हुआ व्यक्ति खादी को कब धारण करेगा यह भी वक़्त को ही पता होगा ।