सरकारी कर्मचारियों की फिर बल्ले-बल्ले, अब मोदी सरकार ने बढ़ाया इस भत्ते का पैसा

    नई दिल्ली: 7th Pay Commission latest news: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक और खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने Dearness Allowance की बढ़ोतरी की घोषणा के बाद अब  हाउस रेंट अलाउंस (House Rent Allowance) को बढ़ाकर 27 फीसदी तक कर दिया है। महंगाई भत्ता के बाद अब HRA (House Rent Allowance) बढ़ने से केंद्रीय कर्मचारियों की (Central Government Employees) बल्ले-बल्ले हो गई है। इससे अगस्‍त के वेतन में HRA भी बढ़कर आएगा। सरकार के आदेश के मुताबिक HRA इसलिए बढ़ाया गया क्‍योंकि DA 25 फीसद का मार्क पार कर गया है।

    कितना बढ़ा HRA

    फाइनेंस मिनिस्‍ट्री के आदेश के अनुसार अब केंद्रीय कर्मचारियों को उनके शहर के हिसाब से 27 फीसद, 18 फीसद और 9 फीसद हाउस रेंट अलाउंट दिया जाएगा।। ये क्‍लासिफिकेशन X, Y और Z class शहरों के हिसाब से है। यानि जो केंद्रीय कर्मचारी X Class City में रहता है उसे अब ज्‍यादा HRA मिलेगा। इसके बाद Y Class और फिर Z Class वाले को भी HRA दिया जायेगा।

    पहले कितना था HRA?

    केंद्र सरकार ने 7th Pay Commission लागू होने के बाद HRA का तरीका बदल दिया था। इसकी 3 कैटेगरी-X,Y और Z बनाई गई थी। इसके हिसाब से 24 फीसद, 18 फीसद और 9 फीसद HRA दिया जाना निर्धारित किया गया था। जानकारी यह भी थी कि जब DA 25 फीसद का मार्क क्रॉस करेगा तो इसे रिवाइज किया जाएगा। बता दें कि, केंद्र सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (DA) को 17 फीसदी से बढ़ाकर अब 28 फीसदी कर दिया है।

    X,Y और Z कैटेगरी के मायने

    रिपोर्ट के मुताबिक X कैटेगरी सबसे ऊपर की है। इसमें 50 लाख से ऊपर की आबादी वाले शहर आते हैं। यहां जो केंद्रीय कर्मचारी काम कर रहे हैं उन्‍हें अब 27 फीसद HRA मिलेगा। वहीं Y कैटेगरी के शहरों में HRA 18 प्रतिशत होगा। जबकि Z कैटेगरी में HRA 9 फीसद होगा। साथ ही HRA के तहत शहर का अपग्रेडेशन भी होता है। यानि अगर किसी शहर की आबादी 5 लाख की जनसंख्‍या को पार कर जाती है तो वह Z कैटेगरी से Y कैटेगरी में अपग्रेड हो जाता है। यानि वहां 9% के बजाय 18% HRA मिलने लगेगा।

    उदहारण के तौर पर 50 लाख या इससे ऊपर की आबादी वाले शहरों में काम करने वाले कर्मचारी को न्यूनतम 5400 रुपए HRA पहले से तय है। वहीं दूसरी कैटेगरी में यह 3600 और 1800 रुपए प्रति माह न्‍यूनतम है। अब HRA का कैलकुलेशन नए रेट के आधार पर होगा।