उच्चतम न्यायालय ने ले लिया सबरीमाला, राफेल और राहुल पर फैसला

नई दिल्ली:17 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले उनकी बेंच कई बड़े फैसले लेने वाली हैं। इससे पहले 9 नवंबर को उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या मामले में फैसला

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने आज 3 बड़े मामलो में फैसले ले लिए हैं। राहुल गांधी को मानहानि मामले मे राहत मिल गई हैं। कोर्ट ने राहुल गांधी की माफी को मंजूर कर लिया हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने साफ कह दिया कि अब राहुल के खिलाफ कोई अवमानना का केस नहीं चलेगा। दूसरी ओर केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला बड़ी बेंच को सौंप दिया गया है। आज 5 जजों की बेंच ने कहा कि परंपराएं धर्म के सर्वमान्य नियमों के मुताबिक हों और आगे 7 जजों की बेंच इस बारे में अपना फैसला सुनाएगी। साफ है कि फिलहाल मंदिर में कोर्ट के पुराने फैसले के मुताबिक महिलाओं की एंट्री जारी रहेगी। वही उच्चतम न्यायालय ने राफेल विमान सौदे में मोदी सरकार को बड़ी राहत दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने राफेल मामले में दायर की गईं सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले पर फैसला पढ़ते हुए याचिकाकर्ताओं द्वारा सौदे की प्रक्रिया में गड़बड़ी की दलीलें खारिज कर दी हैं। 

  • 11:10 AM- भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसके बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी हैं।  सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि " राहुल गांधी को अदालत में अपनी टिप्पणी के लिए भविष्य में अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है"।
     
  • 11:05 AM- राफेल मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पुनर्विचार याचिका
  • 11:00 AM- पांच जजों की बेंच में से 3 जजों का मानना था कि इस मामले को सात जजों की बेंच को भेज दिया जाए. लेकिन जस्टिस नरीमन और जस्टिस चंद्रचूड़ ने इससे अलग विचार रखे. अंत में पांच जजों की बेंच ने 3:2 के फैसले इसे 7 जजों की बेंच को भेज दिया.  हालांकि, सबरीमाला मंदिर में अभी महिलाओं की एंट्री जारी रहेगी. जस्टिस नरीमन ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही अंतिम होता है. फैसला अनुपालन करना कोई विकल्प नहीं है. संवैधानिक मूल्यों की पूर्ति करना सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए.
  • 10:52 AM- सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला केस को बड़ी बेंच को सौंप दिया है. अब इस मामले को 7 जजों की बेंच सुनेगी। गुरुवार को पांच जजों की बेंच ने इस मामले को 3:2 के फैसले से बड़ी बेंच को सौंप दिया है। 
  • 10:48 AM- 7 जजों की बेंच अब इस मामले में सुनवाई करेगी। 
     
  • 10:45 AM- भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि, "पूजा स्थलों में महिलाओं का प्रवेश केवल इस मंदिर तक ही सीमित नहीं है। यह मुद्दा मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश के समय भी उठता है।"
  • 10:43 AM- सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मामले में फैसला बदला। बड़ी बेंच करेगी आगे का फैसला



  • 10:39 AM- चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की बेंच अपना फैसला पढ़ रही है। इस पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस खानविलकर, जस्टिस नरीमन और जस्टिस इंदु मल्होत्रा शामिल हैं। 


  • 10:37 AM- सबरीमाला पर कोर्ट में फैसला पढ़ना हुआ शुरू। 
          
  • 9:28 AM- सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के अपने पहले फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिकाओं और राफेल सौदे को बरकरार रखने के अपने पहले फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिकाओं पर कोर्ट लेगा आज अंतिम निर्णय। 
     

17 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले उनकी बेंच कई बड़े फैसले लेने वाली हैं। इससे पहले 9 नवंबर को उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या मामले में फैसला सुनाया है। जिसके बाद आज न्यायालय सबरीमाला विवाद, राफेल विमान और राहुल गांधी पर चल रहे मामलों का फैसला सुनाने वाली हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच कल सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाएगी। जाने क्या हैं ये तीनों मामले।

क्या है सबरीमाला मामला- 
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विवाद काफी समय से चल रहा है। पिछले साल सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए 10 से 50 साल की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने पर लगी पाबंदी को हटा दिया था। उच्चतम न्यायालय के इस फैसले के बाद काफी प्रदर्शन हुआ था और बाद में इसपर पुनर्विचार याचिका भी दायर की गई थी। अब उच्चतम न्यायालय इसी मामले में अपना फैसला सुनाएगा। सबरीमाला में रिव्यू पेटिशन के कुल 64 मामले थे। 

राफेल सौदे मामला-
लोकसभा चुनाव के दौरान राफेल विमान सौदे का मामला काफी बड़ा हो गया था। फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया में दो जनहित याचिका दायर की गई थीं, जिसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा लड़ाकू विमान की कीमत, कॉन्ट्रैक्ट, कंपनी की भूमिका पर सवाल खड़ा किया गया था। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अदालत इस मामले में दखल नहीं दे सकती है, साथ ही खरीद प्रक्रिया पर कोई सवाल खड़े नहीं किए गए थे। इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी। जिसमें सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किए जाने का आरोप लगाया गया था। राफेल विमान सौदे पर भारत और फ्रांस अब आगे बढ़ चुके हैं। भारत को पहला राफेल विमान मिल भी गया है, हालांकि अब केस पर उसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। 

राहुल गांधी पर चल रहा यह केस-
भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर की थी। जिसमें आरोप था कि राहुल गांधी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि चौकीदार चोर है। मीनाक्षी लेखी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के बयानों को राजनीति से जोड़ दिया है। इस मामले में राहुल गांधी की ओर से माफीनामा भी दायर किया गया था, लेकिन अदालत की ओर से कोई राहत नहीं मिली थी।