एनडीए में पासवान की सीट पर फंसा पेंच, गठबंधन में तय होगा चिराग का भविष्य

नई दिल्ली: मोदी सरकार (Modi Government) में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (Lok janshakti Party) के संस्थापक रहे रामविलास पासवान (Ramvilas Paswan) के निधन से खाली हुई राज्य सभा की सीट पर पेंच फंसता नजर आ रहा है. चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने इस सीट पर अपनी माँ को उतारना चाहते है. लेकिन बिहार चुनाव (Bihar Election) में जनता दाल यूनाइटेड (Janta Dal United) और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के खिलाफ उम्मीदवार उतारने के वजह से जेडीयू इसका विरोध कर सकती है.

ज्ञात हो कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने 14 दिसंबर को इस सीट पर उपचुनाव करने का निर्णय लिया है. वहीं जिसके लिए अधिसूचना 26 नवंबर को जारी किया जाएगा. तीन दिसंबर तक उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल करेंगे. वहीं सात दिसंबर तक नाम वापसी लिया जा सकता है. जिसके बाद 16 दिसंबर को चुनाव के परिणाम घोषित होंगे.

चुनाव से चिराग का एनडीए में तय होगा भविष्य

लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा और एलजेपी के बीच समझौता हुआ था. जिसके तहत भाजपा ने अपने कोटे से पासवान को एक राज्यसभा सीट दी थी. जिसपर रामविलास पासवान राज्यसभा में मनोनीत हुए थे. केंद्र में एलजेपी अभी भी एनडीए में शामिल है, लेकिन बिहार चुनाव में अलग रह लेते हुए जेडीयू के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतार दिए थे, जिस कारण दोनों दलों में बेहद तल्खी आ गई है.    

चिराग की रह मुश्किल 

इस उपचुनाव में यह सीट भाजपा अगर एलजेपी को देती है तो जेडीयू उसका पुरजोर विरोध करेगी. वहीं इस सीट को जितने के लिए भाजपा को जेडीयू की सख्त जरुरत है, भाजपा को अपने दम पर जीत मिलना बेहद मुश्किल है. सी के साथ एनडीए गठबंधन में चिराग पासवान का भविष्य तय होगा कि वह रहेंगे या निकलेंगे.