वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल का निधन, बेटे फ़ैसल ने दी जानकारी

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल (Ahmed Patel) का बुधवार तड़के निधन हो गया। इस बात की जानकारी उनके बेटे फ़ैसल पटेल ने ट्वीट के जरिए दी। इसके साथ ही फ़ैसल ने सभी से कोरोना गाइडलाइंस का पालन करने की अपील भी की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पटेल, जो COVID-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण के बाद गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज करा रहे थे, ने बुधवार की सुबह अंतिम सांस ली, उनके बेटे फ़ैसल ने पुष्टि की। एक ट्वीट में फ़ैसल ने कहा कि गुजरात से राज्यसभा सांसद की बुधवार को तड़के 3.30 बजे मौत हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस नेता अहमद पटेल के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में पटेल की भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी। एक ट्वीट में, प्रधान मंत्री ने कहा कि उन्होंने पटेल के बेटे फ़ैसल से बात की है और शोक व्यक्त किया है।

उन्होंने ट्वीट किया, “अहमद पटेल जी के निधन से दुखी। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई साल बिताए। समाज की सेवा की। अपने तेज दिमाग के लिए जाने जाने वाले, कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा।”

राहुल गांधी ने कहा, ‘आज दुखद दिन है। अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के स्तंभ थे। वे हमेशा पार्टी के लिए जिए और कठिन वक्त में हमेशा पार्टी के साथ खड़े रहे। हमेशा उनकी कमी खलेगी।’

अहमद पटेल के निधन पर शोक जताते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, “अहमद भाई बहुत ही धार्मिक व्यक्ति थे और कहीं पर भी रहें, नमाज़ पढ़ने से कभी नहीं चूकते थे। आज देव उठनी एकादशी भी है जिसका सनातन धर्म में बहुत महत्व है। अल्लाह उन्हें जन्नतउल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाएँ। आमीन।”

उन्होंने कहा, “अहमद पटेल नहीं रहे। एक अभिन्न मित्र विश्वसनीय साथी चला गया। हम दोनों सन् ७७ से साथ रहे। वे लोकसभा में पहुँचे मैं विधान सभा में। हम सभी कॉंग्रेसीयों के लिए वे हर राजनैतिक मर्ज़ की दवा थे। मृदुभाषी, व्यवहार कुशल और सदैव मुस्कुराते रहना उनकी पहचान थी।”

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “कोई भी कितना ही ग़ुस्सा हो कर जाए उनमें यह क्षमता थी वे उसे संतुष्ट कर ही भेजते थे। मीडिया से दूर, पर कॉंग्रेस के हर फ़ैसले में शामिल। कड़वी बात भी बेहद मीठे शब्दों में कहना उनसे सीख सकता था। कॉंग्रेस पार्टी उनका योगदान कभी भी नहीं भुला सकती। अहमद भाई अमर रहें।”

गुजरात से आने वाले अहमद पटेल (Ahmed Patel) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव थे। वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे, जिनका 10 जनपथ में सीधा आना-जाना था। वे सोनिया-राहुल के वफादार होने के साथ ही पार्टी में सबसे कद्दावर राजनेता भी थे। कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों और संकेतों को उन्हीं के जरिए दूसरे बड़े नेताओं तक पहुंचाया जाता था।