आज ही के दिन भारत माता के तीन वीर सपूतों ने दिया था बलिदान, जानें शहीद भगत सिंह की ये पांच प्रेरक बातें

    -सीमा कुमारी

    भारतीय स्वतंत्रता संग्राम (Indian freedom struggle) के इतिहास में महान शहीद भगत सिंह , सुखदेव और राजगुरु (Shaheed Bhagat Singh, Sukhdev and Rajguru) का नाम पूरे सम्मान एवं आदर के साथ लिया जाता है। जब भी शहीदों (Martyrs) का नाम लिया जाता है, सबसे पहले महान देशभक्त व क्रांतिकारी भगत सिंह को जरूर याद किया जाता है। 23 मार्च (23 March) का दिन शहीद दिवस (Martyrs Day) के रूप में पूरे देशभर में मनाया जाता है। गौरतलब है कि, भारत के महान क्रांतिकारी और देशभक्त शहीद कहे जाने वाले भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था। 

    लोगों के दिलों में आजादी की ज्वाला प्रज्ज्वलित करने वाले महान क्रांतिकारी मात्र 23 वर्ष और पांच महीने की उम्र में ही शहीद हो गए थे। 23 वर्ष की छोटी सी उम्र में ही देशभक्ति की लहर जगाने के लिए लिखे गए उनके क्रांतिकारी विचार बहुत महान हैं। आज हम शहीद दिवस के मौके पर महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह के लिखे वो पांच महान विचारों से परिचित करवाएंगे, जो आपके जीवन में एक नया उत्साह भर देंगे।

    -महान विचार- 

    • “क्या तुम्हें पता है कि दुनिया में सबसे बड़ा पाप गरीब होना है? गरीबी एक अभिशाप है, यह एक सजा है।”
    • “राख का हर कण मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है।”
    • “प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।”
    • “जो भी विकास के लिए खड़ा है, उसे हर चीज की आलोचना करनी होगी। उसमें अविश्वास करना होगा और उसे चुनौती देनी होगी।”
    • “मैं इस बात पर ज़ोर देता हूं कि मैं महत्वाकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूं। पर मैं ज़रूरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूं और वही सच्चा बलिदान है।”