यूपीए अध्यक्ष पद पर सोनिया गांधी की जगह शरद पवार?

मुंबई. मुंबई. वर्तमान में देशभर में नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन (Farmer Protest) चल रहा है। अब तक सरकार के साथ हुई सभी बैठकों में कोई हल नहीं निकला है। इसलिए यह आंदोलन और तेज करने का फैसला किसानों ने लिया है। किसान आंदोलन को राष्ट्रवादी के सर्वेसर्वा शरद पवार (NCP Sahrad Pawar) ने भी समर्थन दिया है। इतना ही नहीं तो, उन्होंने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समेत अन्य दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ राष्ट्रपति (President Ramnath Kovind) से मुलाकात कर नए कृषि कानून (Agriculture Bill) को निरस्त करने की मांग की है। इसलिए राजनीतिक गलियारों में शरद पवार केंद्र में विपक्ष की भूमिका निभाएंगे, ऐसी चर्चा हो रही है। रिपब्लिक टीवी (Republic TV) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पवार जल्द ही यूपीए के अध्यक्ष पद को स्वीकार कर सकते हैं। (Sharad Pawar to replace UPA chairperson Sonia Gandhi? What Congress said…)

सूत्रों ने यह भी कहा कि, इस मामले में प्रारंभिक चर्चा पूरी हो गई है। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) और हैदराबाद नगर निगम चुनावों (Hyderabad Municipal Corporation Elections) में कांग्रेस (Congress) ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। उसके बाद, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस बारे में नेतृत्व से पूछा था। कुछ नेताओं ने कांग्रेस का नेतृत्व फिर से राहुल गांधी को सौंप देने की मांग की थी। लेकिन राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि, वह कांग्रेस अध्यक्ष पद स्वीकार नहीं करेंगे। दूसरी ओर, सोनिया गांधी (Sonia gandhi) ने भी यूपीए अध्यक्ष के पद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। 

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी यूपीए का चेहरा होंगे लेकिन शरद पवार यूपीए के अध्यक्ष होंगे। वह सबसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस ने पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) में गठबंधन किया था। लेकिन चुनावों में हार के बाद भी राज्य में शिवसेना (Shivsena) के साथ महाविकास अघाड़ी (Mahavikas Aghadi) बनाकर सरकार बनाई थी। 

चर्चा में कोई तथ्य नहीं – कॉग्रेस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर (Congress Leader Tarik Anvar) ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “ऐसी बातों को जानबूझकर फैलाया जा रहा है। वर्तमान में किसानों का आंदोलन शुरू है और उनमें भ्रम पैदा करने के लिए ऐसी बातें फैलाई जा रही हैं। लेकिन, इस खबर और चर्चा का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।” 

कांग्रेस से ही होगा यूपीए का अध्यक्ष 

कांग्रेस नेता ने कहा कि, यूपीए का अध्यक्ष सबसे बड़ी पार्टी से ही नियुक्त किया जाता है। जब कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तब यूपीए का गठन हुआ। आज भी कांग्रेस देश में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। विपक्षी दलों में, कांग्रेस में सबसे अधिक सांसद हैं। इसलिए, इसमें कोई संदेह नहीं है कि यूपीए का अध्यक्ष कांग्रेस से ही होगा। इसलिए इन सभी चर्चाओं को हम ख़ारिज करते हैं।