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मुंबई, महाराष्ट्र में 'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' पर लिखी किताब पर राजनीती अपनी चरम पर है। जहाँ इसके लेखक बीजेपी नेता जय भगवान गोयल ने इसपरहुए बवाल के कारण माफ़ी मांगते हुए किताब वापस ले

मुंबई, महाराष्ट्र में ‘आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी’ पर लिखी किताब पर राजनीती अपनी चरम पर है। जहाँ इसके लेखक बीजेपी नेता जय भगवान गोयल ने  इसपर हुए बवाल के कारण माफ़ी मांगते हुए किताब वापस ले ली है। वहीं बीजेपी ने भी इस किताब से अपना कोई सरोकार न बताए हुए अपना पल्ला झाड़ लिया है। 

इस किताब को लेकर छत्रपति शिवजी के वंशज संभाजी भोंसले और संजय राउत में भी कहा-सुनी हो चुकी है। विदित हो कि संजय राउत ने कहा था कि ‘‘छत्रपति शिवाजी के वशंजों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें उनकी (शिवाजी) तुलना मोदी से किया जाना पसंद है या नहीं। इस किताब को लेकर छत्रपति शिवाजी के वशंजों को भाजपा से इस्तीफा दे देना चाहिए।”

 
वही इसके जवाब में संभाजी ने, संजय राउत पर बेहद नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि, " उनके इस अप्पतिजनक व्यवहार को सहन नही किया जाएगा। " उन्होंने ये भी ट्वीट करते हुए कहा कि , " उद्धव जी संजय राउत के जुबान पर लगाम लगाए, राउत हमेश छत्रपति परिवार पर झूठा आरोप लगाकर राजनीती करते है। " 

 
अब संजय राउत ने इस पुरे प्रकरण पर कहा है कि, "यह छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र के सम्मान और गर्व का विषय था। बीजेपी ने किताब वापस ले ली है और इसके लिए माफी मांगी है, इसलिए मुझे लगता है कि इस मामले को यहीं छोड़ कर आगे बढ़ना चाहिए"।

 
लेकिन अब इस बात को लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और पूर्व सांसद उदयनराजे भोसले ने यह कहकर आग में घी दाल दिया है कि शिवसेना का समय समाप्त हो रहा है। इन्हे खुद को शिवसेना कहलाना बंद कर खुद को ‘ठाकरे सेना’ कहलवाना चाहिए जो आज के दौर में अधिक सटीक है। शिवसेना, महाराष्ट के लोगों को मूर्ख समझ कर गलती कर रही है। इसका खामियाजा वे जल्द ही भरेंगे।