संजय राउत: दिल्ली दंगे ह्रदय विदारक, अनाथों की नयी दुनिया बन रही

मुंबई, शिवसेना के मुखपत्र सामना में आज दिल्ली के दंगों पर एक लेख आया है। इस लेख पर और एक तस्वीर पर पार्टी के कद्दावर नेता संजय राउत ने लिखा है की दिल्ली में हुए दंगो का यह दृश्य ह्रदय भेदक है।

मुंबई, शिवसेना के मुखपत्र सामना में आज दिल्ली के दंगों पर एक लेख आया है। इस लेख पर और एक तस्वीर पर पार्टी के कद्दावर नेता संजय राउत ने लिखा है की दिल्ली में हुए दंगो का यह दृश्य ह्रदय भेदक है। उन्होंने यह भी कहा कि मृत्यु का यह तांडव देख शायद यमराज भी अपना आसन छोड़ देंगे। उनका यह भी कहना है कि शायद नयी दुनिया बन रही है जिसमें अनाथ ही अनाथ होंगे। संजय राउत यहाँ दिल्ली दंगे में मृत मुदस्सर खान की बच्चे की बात कर रहे थे जिसकी फोटो दुनियाभर में प्रकाशित हुई है। 

सामना में अपने लेख में संजय राउत लिखते हैं कि दिल्ली में दंगे हुए और इसमें कई संगठनों ने जातीय और धार्मिक समीकरणों में अपने मौके भुनाये। उन्होंने लिखा कि लगता है राजनीति में मानवता का कोई स्थान नहीं रहा और इस धर्मिक उन्माद में जो नया राष्ट्रवाद पनप रहा है वह शेष मानवों को मार रहा है। 

उन्होंने यह भी लिखा कि जहाँ इस हिंसा में सैकड़ों लोगों का परिवार और उनकी रोजी-रोटी बर्बाद हुई वहीं इसमें अनाथ हुए बच्चे अब अपना भूत और भविष्य ढूंढ रहें हैं। शायद यह उन राजनीतिज्ञों को न दिखे जिन्हे इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।उन्होंने लिखा कि दिल्ली दंगो के बाद एक मासूम बची की तस्वीर दुनियाभर में प्रकाशित हुई है जो अपने मरे बाप के पास बैठकर रो रहा है। अगर इसको देखकर भी हिन्दू-मुसलमान नहीं सुधरे तो फिर ऐसे लोगों इंसान की हैसियत से जीने लायक नहीं होंगे। अपने इन्ही प्रश्नों को लेकर यह बच्चे, अंकित शर्मा की मां और राहुल सोलंकी के पिता भी घूम रहे होंगे जिनका शायद कोई जवाब देने को तैयार नहीं है।