CBSE Students, Exam
Students File Photo : PTI

    नयी दिल्ली. कोरोना महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने के केंद्र के निर्णय का मंगलवार को राज्यों ने स्वागत किया और कहा कि विद्यार्थियों एवं अध्यापकों की सुरक्षा के लिए इसकी जरूरत थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह फैसला छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘ मुझे खुशी है कि बारहवीं की परीक्षा रद्द कर दी गयी। हम सभी अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे। एक बड़ी राहत।”

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ने इस फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि यह सही दिशा में उठाया गया कदम है लेकिन उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार विद्यार्थियों के भविष्य के बारे में और चर्चा के लिए राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की बैठक बुलाए। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यार्थियों की सेहत सुनिश्चित करने लिए उठाया गया यह एक अहम कदम है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की ओर से प्रधानमंत्री जी को हार्दिक धन्यवाद।”

    उप्र के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने एक बयान में कहा कि विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं अध्यापाकों के हित में परीक्षा रद्द की गयी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यिक बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षा के बारे में मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा। सीबीएसई के बाद अन्य केंद्रीय बोर्ड सीआईएससीई ने भी 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी। हरियाणा सरकार ने राज्य बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है।

    राज्य के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने आज ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” हमने भी राज्य में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया है। हम केंद्र द्वारा लिए गए फैसले के साथ हैं और हमने भी बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है।” कांग्रेस और अन्य दल कोविड-19 के कारण दसवीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दिए जाने के बाद केंद्र पर 12 वीं की परीक्षा रद्द करने के लिए भी दबाव बना रहे थे।

    कांग्रेस ने कहा, ‘‘हमें खुशी है कि मोदी सरकार ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के भारतीयों, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी एवं कांग्रेस पार्टी की मांग पर ध्यान दिया।” उधर, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने भी इस फैसले से राहत महसूस की। ट्विटर पर पिछले पंद्रह दिनों से ‘कैंसल बोर्ड एक्जाम्स’ हैशटैग से अभियान चल रहा था।

    परीक्षा रद्द होने के बाद ‘बोर्ड एक्जाम्स कैंसल्ड” से लोगों ने सोशल मीडिया पर खुशी मनायी। कक्षा बारहवीं की छात्रा सुप्रिया बांबा ने कहा, ‘‘ परीक्षाओं में देरी से परेशानी हो रही थी। परीक्षाओं की तैयारी कोई मुद्दा नहीं था लेकिन अनिश्चितता मुझपर बुरा असर डाल रही थी।”

    अन्य छात्र ममूर अख्तर ने ट्वीट किया, ‘‘ सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षाए रद्द करने की घोषणा के लिए धन्यवाद।” बारहवीं कक्षा के एक छात्र की मां प्रिया शर्मा ने कहा, ‘‘ यह निश्चित ही सोच-समझकर लिया गया निर्णय है। इसका इंतजार था।”  (एजेंसी)