Bindas Bol

नयी दिल्ली. सुदर्शन टीवी ने रविवार को उच्चतम न्यायालय से विवादास्पद कार्यक्रम ‘बिंदास बोल’ की बाकी कड़ियों के प्रसारण पर लगी रोक को हटाने का अनुरोध करते हुए कहा कि चैनल इसके प्रसारण के समय सभी कानूनों का पालन करेगा। उच्चतम न्यायालय ने 15 सितंबर को चैनल को कार्यक्रम की बाकी कड़ियों के प्रसारण को अगले आदेश तक रोक दिया था। इस कार्यक्रम के प्रोमो में दावा किया गया था कि ‘सरकारी सेवाओं में मुस्लिमों की घुसपैठ के षड्यंत्र का पर्दाफाश’ किया जाएगा।

कार्यक्रम के संबंध में शिकायत वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली पीठ ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि “प्रथम दृष्टया” प्रतीत होता है कि कार्यक्रम की मंशा मुस्लिम समुदाय को ‘‘कलंकित” करने की है । शीर्ष अदालत में एक अतिरिक्त हलफनामे में सुदर्शन न्यूज के एडिटर-इन-चीफ सुरेश चव्हाणके ने कहा है कि चैनल कार्यक्रम संहिता और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन के लिए प्रतिबद्ध है।

वकील विष्णु शंकर जैन के जरिए दाखिल हलफनामे में चव्हाणके ने कहा है, “यूपीएससी जिहाद विषय पर ‘बिंदास बोल’ कार्यक्रम की शेष कड़ियों के प्रसारण के समय मैं सभी कानूनों का कड़ाई से पालन करूंगा।” हलफनामे में कहा गया है कि चैनल 11 सितंबर से 14 सितंबर के बीच ‘बिंदास बोल’ कार्यक्रम की चार कड़ियों का पहले ही प्रसारण कर चुका है तथा छह कड़ियां शेष हैं । उच्चतम न्यायालय मामले में सोमवार को सुनवाई करेगा। (एजेंसी)