दिल्ली में कोरोना विस्फोट, गुजरात में बेकाबू हालात, हमें बताए क्या कर रही है सरकार-सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली. देश और कई राज्यों में बढ़ते कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को सख्ती दिखते हुए पूछा है कि, राज्य में कोविड नियंत्रण से बाहर है, इसपर सरकार क्या कर रही है?। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कोरोना की स्थिति पर काबू पाने के लिए उठाये गये कदमों की दो दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब हो कि, इस महीने कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ें हैं और दिसंबर में अधिक उछाल होने के आसार है। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा गुजरात(Gujrat) , दिल्ली (Delhi) और महाराष्ट्र (Maharashtra)प्रभावित हुए है। 

जस्टिस अशोक भूषण,जस्टिस आर सुभाष रेड्डी औरजस्टिस एम आर शाह की पीठ ने देश भर में कोरोना वायरस के मामलों में जबर्दस्त तेजी पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि, दिसंबर में हालात और ज्यादा खराब होने की संभावना है। सभी राज्यों को इसका ‘मुकाबला’ करने के लिये तैयार रहना होगा। पीठ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि केन्द्र सरकार और सभी राज्यों को स्थिति से निपटने के लिये तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।” पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘आज से दो दिन के भीतर स्थिति रिपोर्ट पेश की जाये और यह मामला 27 नवंबर, 2020 को आगे विचार तथा उचित आदेश के लिये सूचीबद्ध किया जा रहा है।” पीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन से कहा, ‘‘दिल्ली में विशेष रूप से नवंबर में हालात खराब हुये हैं। आप स्थिति रिपोर्ट दाखिल करके बतायें कि हालात पर काबू पाने के लिये क्या कदम उठाये जा रहे हैं।” 

बेंच ने आगे कहा, इस महीने में कोरोना के आंकड़े तेजी से बढ़े हैं। हम राज्यों से ताजा रिपोर्ट चाहते हैं। कोरोना के हालत दिसंबर में हालात और खराब हो सकते हैं और राज्यों की तैयारी अच्छी नहीं है। राज्य दिन में शादी समारोह की अनुमति क्यों दे रहे हैं? दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद गुजरात के हालात भी खऱाब हैं। आप जवाब दीजिए कि सरकार क्या कदम उठा रही है।’ बेंच ने दिल्ली सरकार से भी जवाब मांगा है। जज ने कहा, ‘हम जानना चाहते हैं कि स्थिति को कैसे मैनेज किया जा रहा है? अस्पतालों में कैसे इलाज हो रहा है औऱ क्या पर्याप्ट बेड हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केन्द्र सरकार को कोरोना वायरस से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है। महाराष्ट्र ने सोमवार को चार प्रदेशों- दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और गोवा से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया जबकि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर तक स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। 

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार की सुबह उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के अनुसार एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 44,059 मामले सामने आने के साथ ही भारत में कोविड-19 मामलों की संख्या 91 लाख का आंकड़ा पार कर गयी है जबकि इससे ठीक होने वालों की संख्या भी 85,62,641 हो गयी है। देश में 511 व्यक्तियों की और मृत्यु होने के साथ ही कोविड-19 से मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 1,33,738 हो गयी है।