Vaccination in Thane Manpa border from 11 am on Saturday
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नई दिल्ली: देश में कोरोना वैक्सीन वितरण (Corona Vaccine Distribution) को लेकर तैयारी आखिरी दौर में पहुंच गई है. केंद्र सरकार (Central Government) जल्द ही टीकाकरण (Vaccination) की मंजूरी दे सकती है। इसके पहले शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने बड़ी घोषणा की है, जिसके तहत कोरोना की वैक्सीन लगवाना किसी भी व्यक्ति पर निर्भर होगा। जिसे लगाना होगा वह लगवाए अन्यथा ना लगवाए। इसी के साथ मंत्रालय ने टीकाकरण को लेकर SOPs भी जारी कर दी गई हैं.

स्वस्थ लोग भी ले सकते हैं खुराक 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “दुनिया के अन्य देशों में मान्य हुई कोरोना वैक्सीन भारत में उपलब्ध होने वाला टीका उतना ही कारगर होगा।” मंत्रालय ने आगे कहा, “जो लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, वह भी कोरोना वैक्सीन की खुराक ले सकते हैं, जिससे उनका शरीर और रोग प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत होगी। इसी के साथ  कैंसर, मधुमेह, हाइपरटेंशन आदि से जूझ रहे मरीज भी कोविड-19 के वैक्सीन की खुराक ले सकते हैं।”

टीके को लेकर तैयार किये प्रश्न 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कोरोना टीके को लेकर कई प्रश्न तैयार किये। जिसमें ठीक हुआ व्यक्ति कोरोना का टीका ले सकता है क्या?, क्या सभी को टीका लेना जरूरी है? कितने दिनों में एंटीबाडी का निर्माण करेगा आदि. इन सब सवालों के जवाब में मंत्रालय ने यह सब बात कही.

28 दिन में लेनी होगी दो खुराक  

मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा, “देश में अभी किसी टीके की मंजूरी नहीं दी गई है, लेकिन जल्द ही सरकार इसकी मंजूरी दे सकती है, जिसके बाद टीकाकरण शुरू हो जाएगा। इस दौरान 28 दिनों में दो खुराक दी जाएगी। वहीं लगने के 14 दिन बाद यह शरीर में मजबूत एंटीबाडी का निर्माण करेगा।”

देश में छह वैक्सीन का परीक्षण

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि, “देश में छह कोरोना वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है. जिसमें आईसीएमआर और भारत में बायोटेक द्वारा विकसित टीका, जायडस कैडिला, जेनोवा, ऑक्सफोर्ड के टीके पर परीक्षण चल रहा है. रूस के गमालेया राष्ट्रीय केंद्र के साथ तालमेल से हैदराबाद में डॉ रेड्डी लैब में स्पूतनिक वी के टीके और एमआईटी, अमेरिका के साथ तालमेल से हैदराबाद में बायोलोजिकल ई लिमिटेड द्वारा विकसित कर रहा है.

यह दस्तावेज़ होंगे मान्य

मंत्रालय ने कहा, “कोरोना टिकाकरण के पहले चरण में सभी स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम मोर्चे पर रहने वाले लोगों को टीका लगेगा। इसी के साथ 50 वर्ष से ज्यादा गंभीर बीमारी वाले   लोगों को भी टीका लगाया जाएगा। इस दौरान जो लोग चिन्हित है उन्हें उनके मोबाइल नंबर पर जानकारी दी जाएगी। 

मंत्रालय ने आगे कहा, “इस दौरान टिका लगवाने वालों को ड्राइविंग को दस्तावेज के रूप में ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड आदि मान्य होंगे।”