The Income Tax Department disposed of 7,116 cases under the first phase of faceless assessment.

    नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उसके अधिकारियों ने एक मीडिया समूह के कई कार्यालयों पर छापेमारी के दौरान खबरों में “बदलाव के सुझाव” दिए। विभाग ने तीन ट्वीट कर कहा कि इसकी टीम ने छापेमारी के दौरान केवल वित्तीय दस्तावेजों पर गौर किया।

    आयकर विभाग ने ट्वीट किया, “मीडिया के कुछ हिस्से में आरोप लगाए गए हैं कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने एक खास प्रकाशन के कार्यालयों पर छापेमारी के दौरान खबरों में बदलाव के सुझाव दिए और संपादकीय निर्णय लिए।”

    विभाग ने ट्वीट किया, “ये आरोप पूरी तरह झूठ हैं और आयकर विभाग इसे पूरी तरह खारिज करता है।” इसने कहा कि विभाग के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए जांच दल ने “समूह के कर अपवंचना से जुड़े केवल वित्तीय लेन-देन को देखा।”

    आयकर विभाग ने ट्वीट में समूह के राष्ट्रीय संपादकों द्वारा कुछ समाचार चैनलों को दिए गए साक्षात्कार का भी जिक्र किया। विभाग ने कहा, “मीडिया को दिए साक्षात्कार के मुताबिक श्री ओम गौड़ लखनऊ से जुड़े हुए हैं। यह बताया जाता है कि प्रकाशन के लखनऊ कार्यालय पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी नहीं की।”

    इसने कहा, “श्री ओम गौड़ से पूछताछ भी नहीं की गई। लगाए गए आरोप निराधार हैं और ये काफी प्रेरित हैं।” आयकर विभाग ने एक मीडिया समूह के खिलाफ कई राज्यों में छापेमारी की है। इसने उत्तर प्रदेश के एक टीवी चैनल के खिलाफ भी कर अपवंचना के लिए छापेमारी की, जिसका समाज के कई वर्गों ने विरोध किया और इसे लेकर राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। (एजेंसी)