Simultaneous three-month bill burden, increased tension for common families

    नयी दिल्ली: देश में बिजली की मांग अबतक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गयी और बुधवार को 2 लाख मेगावाट को पार कर गयी। मानसून में देरी के कारण पारा चढ़ने और कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये लगायी गयी पाबंदियों में ढील के साथ बिजली की मांग बढ़ी है।

    बिजली मंत्रालय के ताजा आंकड़े के अनुसार बिजली की अधिकतम मांग यानी सर्वाधिक आपूर्ति बुधवार को 200,570 मेगावाट पहुंच गयी। इससे पहले, मंगलवार के बिजली की अधिकतम मांग मांग रिकार्ड 1,97,070 मेगावाट पहुंच गयी थी।

    विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में देरी के कारण कई राज्यों में पारा चढ़ने और कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये लगायी गयी पाबंदियों में ढील के साथ बिजली की मांग बढ़ रही है। पिछले महीने बिजली की अधिकतम मांग 30 जून को 191,510 मेगावाट पहुंच गयी थी।

    यह पिछले साल जून में 164,980 मेगावाट के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है।  जून 2019 में बिजली की अधिकतम मांग 182,450 मेगावाट तक गयी थी।(एजेंसी)