Central Vista

नयी दिल्ली. नए संसद भवन (Parliament Building) का निर्माण कार्य शुक्रवार को शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा (Central Vista) पुनर्विकास योजना के तहत एक महीने से अधिक समय पहले इस परियोजना की आधारिशला रखी थी।

नया संसद भवन त्रिकोणीय आकार का होगा। साल 2022 में देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस तक इसके तैयार होने की उम्मीद है। सरकार साल 2022 का मानसून सत्र नए भवन में आहूत करना चाहती है।

एक अधिकारी ने कहा, ”नए संसद भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 दिसंबर को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। भवन का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना पर 971 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

क्या होगी  इस नए संसद की खासियत:

  • खबर के मुताबिक, नया संसद भवन 64500 स्क्वायर मीटर में निर्मित होगा, जो चार मंजिला होगा और इसका अनुमानित खर्च 971 करोड़ रुपये आएगा। 
  • इस नए संसद भवन को 2022 तक तैयार किया जाएगा। 
  • नई संसद की बिल्डिंग मौजूदा संसद भवन के ठीक बगल में होगी और दोनों बिल्डिंग में एक साथ ही काम शुरू  होगा।
  • अभी लोकसभा में 590 लोगों की बैठक क्षमता है। वहीं अब नई लोकसभा में 888 सीटें होंगी और साथ ही इसके विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोगों के बैठने के इंतजाम किये जायेंगे।
  • वर्तमान राज्यसभा में 280 लोगों की बैठक क्षमता है। अब नई राज्यसभा में 384 सीटें होंगी और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोग आराम से बैठ सकेंगे।
  • इसके साथ ही लोकसभा में इतनी जगह होगी कि दोनों सदनों के जॉइंट सेशन के वक्त लोकसभा में ही अकेले 1272 से ज्यादा सांसद एक साथ बैठ पाएंगे।
  • संसद भवन में देश के हर कोने की तस्वीर दिखाने की कोशिश की जाएगी। नई बिल्डिंग में सेंट्रल हॉल नहीं होगा, लोकसभा चेंबर में ही दोनों सदनों के सांसद बैठ सकेंगे।
  • इसके साथ ही संसद के हरेक अहम कामकाज के लिए अलग-अलग ऑफिस रहेंगे। ऑफिसर्स और कर्मचारियों के लिए भी अलग हाईटेक ऑफिस की सुविधा होगी।
  • कैफे और डाइनिंग एरिया भी अब हाईटेक होगा। कमिटी मीटिंग के अलग-अलग कमरों को हाईटेक इक्विपमेंट से सुशोभित किया जाएगा।
  • संसद भवन की मौजूदा बिल्डिंग को एक म्यूजियम के तौर पर रखा जाएगा, उसमें काम भी चलता रहेगा। 
  • कॉमन रूम्स, महिलाओं के लिए लाउंज और वीआईपी लाउंज की भी अलग और बढ़िया व्यवस्था होगी।
  • नया संसद भवन अब हाई एनर्जी एफिशियंसी के साथ बनेगा। इसे ग्रीन बिल्डिंग की रेटिंग भी मुहैया की जाएगी।
  • लोकसभा और राज्यसभा हॉल में अब हाई क्वॉलिटी एकोस्टिक होगा।
  • एयर कंडीशनिंग, लाइटिंग, इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट भी अपग्रेडेड होंगे।
  • बिल्डिंग का मेंटेनेंस और ऑपरेशन करने में अब आसानी होगी ।
  • VVIP के लिए अंडरग्राउंड एन्ट्रेंस, जबकि आम लोगों और अधिकारियों के लिए ग्राउंड फ्लोर से एंट्री की व्यवस्था होगी।
  • दिव्यांग व्यक्ति को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसका भी अब खास ख्याल रखा जाएगा।
  • नए बने प्लान के मुताबिक, केंद्र सरकार के सभी एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस अब एक साथ एक ही जगह पर लाए जाएंगे, जिससे कामकाज में आसानी हो और सुरक्षित भी हों।
  • पुरानी बिल्डिंग के कुछ हिस्सों को तोड़कर वहां अब एक सेक्रेटिएट बिल्डिंग बनाई जाएगी। 

इस सप्ताह की शुरुआत में 14 सदस्यीय धरोहर समिति ने नए संसद भवन के निर्माण को मंजूरी दे दी थी। इसके अलावा उसने सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना को भी हरी झंडी दी थी। उच्चतम न्यायालय ने निर्माण कार्य शुरू करने से पहले केन्द्र को समिति तथा अन्य संबंधित प्राधिकरणों की मंजूरी लेने का आदेश दिया था।

निर्माण कार्य पहले इसलिये शुरू नहीं हो सका था क्योंकि सरकार ने उच्चतम न्यायालय को आश्वासन दिया था कि जब तक न्यायालय मामले में लंबित याचिकाओं पर फैसला नहीं ले लेता, तब तक न तो निर्माण और न ही विध्वंस कार्य शुरू किया जाएगा।