चीन के पड़ोसी इन देशों ने पाया कोरोना पर काबू, एक के पास संपूर्ण संसाधन तक नहीं

नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में अपना रौद्र रूप दिखा रहा है. चीन से निकले इस महामारी ने सभी देशों को अपने चपेट में ले लिया हैं. कोरोना वायरस के वजह से अभी तक 24,882 लोगों की मौत हो चुकी

नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में अपना रौद्र रूप दिखा रहा है. चीन से निकले इस महामारी ने सभी देशों को अपने चपेट में ले लिया हैं. कोरोना वायरस के वजह से अभी तक 24,882 लोगों की मौत हो चुकी हैं. वहीँ साढ़े पांच लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं. भारत में भी इस कोरोना के मामले रोज बढ़ते जारहे हैं. जिसको देखते हुए केंद्र सरकार ने 21 दिनों का लॉक डाउन लगा दिया हैं. इस महामरी से सबसे ज्यादा पीड़ित यूरोप है जहां रोज हजारों लोगों की मौत हो रही है. वहीं कुछ ऐसे भी देश है जिन्होंने कोरोना वायरस के प्रसार पर कब पा लिया हैं.  

हम बात कर रहे है जापान और वियतनाम की. जहां की सरकारों ने हालत बिगड़ने से पहले ही सब काबू में कर लिया और इस जानलेवा महामारी को अपने देश में प्रसार होने से रोक लिया. समझते है कैसे इन देशो ने इस महामारी को रोकने पर सफलता पाई.

वियतनाम:
पूर्वी एशिया का एक छोटा सा देश हैं. जो चीन के बगल में ही हैं. वियतनाम ने चीन के साथ कुल एक हजार किलोमीटर की सीमा साझा करता हैं. एक तरह परिपूर्ण यूरोपीय देशों में संक्रमित मरीजों और मरने वालों के आकडे लगातार बढ़ते जारहे हैं. वही कम बजट, अच्छी स्वस्थ्य सेवाओं के बगैर वियतनाम ने इसमहामारी को खुद को दूर कर चूका हैं. दरअसल जनवरी में देश के अंदर कोरोना से संक्रमित 137 मामले सामने आए थे. जिसके बाद से ही वियतनाम सरकार इसके प्रसार को रोकने के लिए बेहद कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया.

सरे एअरपोर्ट पर लगाए स्क्रीनिंग मशीन 
चीन में फैलते इस महामारी को देखते हुए वह की सरकार ने अपने बचाव के लिए सक्त नियम बनाए. देश के सभी एयरपोर्ट में विदेश से आने वाले हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग कर जाँच की गई. इसी के साथ जो लोग संक्रमित पाए गए उन्हें बेहद कड़े निर्देशों के साथ कोरांटीन किया गया और उनपर सक्त नज़र रखी गई. इसी के साथ सभी लोग जो विदेश से आए थे उन्हें निगरानी में रखा. 

तिन हफ्तों के लिए हर शहर किया बंद 
इस के साथ लोगों में प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने 14 फरवरी से तिन हफ्तों के लिए अपने देश को बंद कर दिया. यानी लॉक डाउन कर दिया. इस दौरान कोई व्यक्ति लॉक डाउन का उलंघन कर बाहर नहीं निकले, इस के लिए बेहद मजबूत सिस्टम तैयार किया गया. इसी के साथ हर गली मोहल्ले में जासूसों की पूरी फ़ौज उतर दी जो सरकार को हर छोटी से बड़ी जानकरी पहुंचाए. उस हर व्यक्ति के ऊपर कड़ी नज़र रखी गई जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे.

जनता का  मिला साथ 
इस महामरी से लड़ने के लिए वह की जनता ने सरकार का पूरा साथ दिया. उस हर सरकारी नियम को कड़ाई से पालन किया जो इस महामारी से बचाव कर सके. इसी के साथ सरकार ने वह की मीडिया को लोगों में जागरूकता लाने के लिए लगा दिया. इस दौरान अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान को बचाने के लिए एक अरब से ज्यादा पैसा अर्थ्वाव्यस्था में डाला. जिसके वजह से कोरोना से लड़ने में बेहद मदद मिली. 

जापान:
चीन का एक और पड़ोसी देश जिसने कोरोना को समय रहते अपने देश में फैलने से रोक लिया. जापान दुनिया के पांच बड़ी अर्थव्यवस्थओं में से एक हैं. जहां स्वस्थ्य सेवाए बेहद मजबूत हैं. जापान में 24 फरवरी तक कोरोना से संक्रमित 1200 से ज्यादा मामले सामने आए थे, जिसमे 43 लोगों की मौत भी हो चुकी थी.  इस महामारी से संक्रमित आकड़े रोजाना बढ़ते जा रहे थे. जिसमे उम्र दराजों की संख्या ज्यादा थी. जिसको देखते हुए सरकार ने बेहद कड़े नियम बनाए .

आपातकाल लगाया
देश में कोरोना से संक्रमित बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने देश में अनिश्चित काल के लिए आपातकाल लगा दिया. जिसके कारण देश में होने वाली हर गतिविधि रुक गई. इसी के साथ विदेश से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया. इस दौरान जरूरत सामानों की दुकानों  छोड़ कर सब को अगले आदेश तक बंद कर दिया. सभी स्कूल, कॉलेज को बंद करने का आदेश दे दिया. वहीं मामलों में कमी आने के  बाद आपातकाल हटा लिया गया. 

हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग सिखाई 
इस दौरान सरकार ने लोगो को अच्छी तरह से हाथ धोना, भीड़भाड़ से दूर रहने के बारे में बताया. सरकार ने देश के हर दुकानों में मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था की.  देश के सभी लोगो को मास्क के उपाय भी बताया गए. 

लोगों ने हर निर्देश का किया पालन 
सरकार के दिए हर निर्देश का जनता ने पूरी तरह पालन किया. जिसका परिणाम यह निकला की वायरस के फलने के साथ हफ्तों के अंदर ही संक्रमित मामले कम होते गए. मौजूदा में यह हालत होगए है कि जनता देश का सबसे बड़ा और लोकप्रिय त्यौहार चैरी ब्लोससोम्स बड़ी धूम धाम  मन रहे हैं.