Narendra singh tomar slams Rahul gandhi

नई दिल्ली. शुक्रवार को सरकार (Government) और किसान संगठनों (Farmer Organizations) के बीच हुई नौवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। अब अगली बैठक 19 जनवरी को होनेवाली है। बैठक के बाद किसान नेताओं (Farmer Leaders) ने सरकार पर समय की बर्बादी का आरोप लगाया है। साथ ही किसान तीनों कृषि कानूनों (Agriculture Laws) और एमएसपी गारंटी (MSP) को निरस्त करने पर अडे हैं। वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान के पक्ष में है और सुप्रीम कोर्ट की समिति के आगे अपने विचार रखेंगे।

इस बीच कृषि मंत्री तोमर ने कृषि कानूनों पर कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार की आलोचना किए जाने पर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के बयानों और कार्यों पर कांग्रेस पार्टी हंसती है या उनका मजाक उड़ाती है।” 

उन्होंने कहा, “मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि 2019 के अपने चुनावी घोषणा पत्र में, कांग्रेस ने वादा किया था कि वे इसमें सुधार लाएंगे। अगर उसे याद नहीं है, तो उसे फिर से घोषणापत्र पढ़ना चाहिए।”

तोमर ने कहा, “अगर घोषणापत्र में इसका उल्लेख है, तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी को मीडिया के सामने आना चाहिए और स्वीकार करना चाहिए कि वे उस समय झूठ बोल रहे थे या अब झूठ बोल रहे हैं।”

मंत्री ने आगे कहा, “किसान सर्दी में बैठे हुए हैं। कोरोना का भी संकट है। सरकार निश्चित रूप से चिंतित है। इसलिए सरकार खुले मन से और बड़प्पन से लगातार चर्चा कर रही है।”

उधर बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा, “तीन कृषि कानूनों और एमएसपी गारंटी (MSP) को निरस्त करने की हमारी मांग बनी हुई है। हम सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा गठित कमेटी के पास नहीं जाएंगे। हम केवल केंद्र सरकार (Central Government) से बात करेंगे।”

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगाते हुए एक समिति गठित की है जो कृषि कानूनों पर किसानों की समस्याओं पर विचार करेगी।