मुंबई पुलिस कमिशनर पर 200 करोड़ रू. का मानहानि का दावा, अर्नब गोस्वामी का एलान

मुंबई. रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी ने सोमवार को कहा कि वह मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह पर 200 करोड़ रुपये का मुकदमा करने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। इस बात का ऐलान उन्होंने रिपब्लिक टीवी से किया है। इसमें गोस्वामी की प्रतिष्ठा को नुकसान के लिए 100 करोड़ और रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क को हुए नुकसान के लिए 100 करोड़ रूपये का दावा किया जा रहा है।

रिपब्लिक टीवी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि, “महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस ने कोर्ट में इस बात का स्वीकार किया है कि, टीआरपी मामले में दर्ज एफआईआर में रिपब्लिक टीवी का नाम शामिल नहीं है। इसलिए रिपब्लिक टीवी के एडिटर एंड चीफ अर्नब गोस्वामी अपने क़ानूनी सलाहकार समूह फीनिक्स लीगल को निर्देश दिया है कि, मुंबई पुलिस कमिशनर परम बीर सिंह पर 200 करोड़ रूपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज कराए। इसमें गोस्वामी की प्रतिष्ठा को नुकसान के लिए 100 करोड़ और रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क को हुए नुकसान के लिए 100 करोड़ रूपये का दावा किया जा रहा है।”

क्या कहा था सिब्बल ने ?

सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि पुलिस ने टीआरपी मामले के सिलसिले में अब तक आठ लोगों को सम्मन जारी कर उनसे पूछताछ की है। ‘‘इनमें से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया।” वहीं पीठ ने कहा कि गोस्वामी का नाम आरोपियों में नहीं है, इसलिए वह उन्हें संरक्षण देने या पुलिस को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई करने से रोकने जैसा कोई आदेश नहीं दे सकती है। 

सिब्बल के बयान पर किया मानहानि का दावा 

कपिल सिब्बल के इन्हीं बयानों के आधार पर अर्नब गोस्वामी ने मुंबई पुलिस कमिशनर पर निशाना साधा है। रिपब्लिक टीवी के एडिटर एंड चीफ ने गोस्वामी ने सिंह के खिलाफ चैनल और खुद के हुए नुकसान के लिए 200 करोड़ रूपये का मानहानि का दावा किया है। साथ ही गोस्वामी ने रिपब्लिक टीवी से कहा कि, “मुंबई पुलिस कमिशनर ने जो कहा जिसके बाद 8 जून को मिडिया वाले कह रहे थे की रिपब्लिक टीवी तो फस गया। क्या अब मिडिया वाले यह खबर चलाएंगे की कमिशनर ने लगाए आरोप झूठे थे। उस समय उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा पर भी निशाना साधा।”

…पहले गोस्वामी को समन जारी करे – कोर्ट 

बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने सोमवार को कहा कि, यदि मुंबई पुलिस (Mumbai Police) की अपराध शाखा रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) की टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) (TRP) मामले में पेशी चाहती है तो उसे पहले गोस्वामी को समन जारी करना चाहिये, जैसा कि मामले में आठ अन्य लोगों के संबंध में किया गया था। न्यायमूर्ति एस.एस. शिंदे और न्यायमूर्ति एम.एस. कर्णिक की खंडपीठ ने कहा कि यदि ऐसा कोई समन जारी किया जाता है तो फिर गोस्वामी को पुलिस के समक्ष पेश होना होगा और जांच में सहयोग करना होगा। 

अब पुलिस मिडिया से नहीं करेगी बात 

अदालत ने यह सवाल भी उठाए कि मुंबई पुलिस या उसके आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा ऐसे मामलों में संवाददाता सम्मेलन करना कहां तक उचित था। सिब्ब्ल ने अदालत की इस बात से सहमति जताते हुए भरोसा दिलाया कि आगे से पुलिस टीआरपी घोटाला मामले में मीडिया से बात नहीं करेगी।