Urge to explore the possibilities of air service in Kargil, Ladakh Lieutenant Governor NR K Mathur discussed with the Center
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    लेह: लद्दाख (Ladakh) के उपराज्यपाल आर के माथुर (RK Mathur) ने करगिल (Kargil) में हवाई सेवा (Air Service) की संभावनाओं पर केंद्र के साथ चर्चा की और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) (AAI) से क्षेत्र में क्यू-400 बॉम्बार्डियर टर्बोप्रॉप विमान के संचालन की संभावनाएं खोजने का आग्रह किया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि, माथुर ने क्षेत्रीय संपर्क (उड़ान) योजना के तहत करगिल और थोइस (नुब्रा) में छोटे ‘फिक्स्ड विंग’ (निश्चित पंख वाले) विमानों के संचालन के लिए आवश्यक प्रयास जल्द से जल्द करने का भी अनुरोध किया।

    प्रवक्ता ने बताया कि लेफ्टिनेंट गवर्नर ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ बैठक के दौरान यह मामला उठाया और लद्दाख में हवाई सेवाओं के संचालन और सुधार संबंधी विभिन्न मामलों पर चर्चा की। माथुर ने विशेष रूप से सर्दियों में और कोविड-19 रोगियों को ले जाने सहित चिकित्सकीय आपात स्थिति में यात्रियों के आवश्यक आवागमन के लिए क्षेत्र में पवन हंस हेलीकॉप्टरों के सुचारू संचालन की सराहना की और कहा कि इसके परिणामस्वरूप भारतीय वायु सेना पर निर्भरता कम हो गई है।

    उन्होंने एएआई से करगिल में क्यू-400 बॉम्बार्डियर टर्बोप्रॉप विमान के परिचालन के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के मानकों में उसी प्रकार ढील देने और आवश्यक नेविगेशन प्रदर्शन (आरएनपी) की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया, जैसे कि अरुणाचल प्रदेश के अलावा नेपाल और भूटान जैसे देशों को छूट दी गई है। उन्होंने बैठक में ईए 320 / बी 737 विमानों के संचालन के लिए करगिल हवाई अड्डे को लेकर अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के व्यवहार्यता अध्ययन में तेजी लाने पर भी चर्चा की। इसके साथ ही करगिल हवाईअड्डे के निर्माण के लिए वैकल्पिक भूमि पर भी विचार किया गया। उन्होंने कहा कि सर्दियों के दौरान वाणिज्यिक विमानन कंपनियों द्वारा अत्यधिक किराया लिए जाने के मामले पर भी चर्चा हुई।

    प्रवक्ता ने बताया कि माथुर ने आवासीय और शहरी मामलों के तहत लेह और करगिल को स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित करने के संबंध में मंत्री से औपचारिक प्रशासनिक अनुमोदन जैसी अंतिम प्रक्रियाओं में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने लद्दाख में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को मजबूत करने का भी अनुरोध किया, ताकि उसकी परियोजनाएं समय से पूरी हो सकें।