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    देहरादून: उत्तराखंड सरकार पर बिगड़ती कोविड स्थिति से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता किशोर उपाध्याय ने सोमवार को यहां धरना दिया । ‘हर मरीज़ है-सरकार की ज़िम्मेदारी’ धरने पर बैठते हुए उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड के अस्पतालों में न आक्सीजन है, न दवाइयां हैं और न ही अस्पतालों में बिस्तर। उन्होंने कहा, ‘ सोशल मीडिया, आक्सीजन, वेंटीलेटर और अस्पतालों में बिस्तर की मांगों से भरा पड़ा है लेकिन सरकार सो रही है ।’ 

    आक्सीजन की कमी से हो रही कोविड मरीजों की मौतों को ‘सरकार द्वारा की जा रही सामूहिक हत्या’ बताते हुए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अस्पतालों में स्टाफ की भी भारी कमी है।

    उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में जब मेडिकल, पैरा मेडिकल, सैन्य और अर्द्धसैनिक बलों के प्रशिक्षित लोगों को महामारी के मामलों में आ रहे उछाल से निपटने के लिए कोविड डयूटी पर लगाया जाना चाहिए था, राज्य सरकार अपने पास उपलब्ध मानव संसाधनों का भी सही उपयोग नहीं कर पा रही है ।’ 

    उपाध्याय ने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत हर ज़िले में एक नंबर जारी करे जिससे अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, टेस्ट, दवाइयों और एम्बुलेंस की सही जानकारी मिले। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में आईसीयू, पीपीइ किट आदि सभी व्यवस्थाएं तुरंत करने, मज़दूरों, ग़रीबों, सीमान्त किसानों और महिलाओं को आर्थिक सहायता और निशुल्क राशन देने की भी मांग की । 

    उन्होंने पानी, बिजली के बिल माफ़ करने व हर माह रसोई गैस का एक सिलेंडर निशुल्क देने की मांग की तथा कहा कि राज्य के हर गरीब व अत्यन्त निम्न मध्य वर्गीय परिवार को सात हजार रू प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। 

    पर्वतीय क्षेत्र में अस्पतालों की स्थिति को बहुत ख़राब बताते हुए उपाध्याय ने कहा कि वहाँ से आने वाले मरीज़ों के लिये हल्द्वानी, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून के अस्पतालों में कुछ बिस्तर आरक्षित किये जाने चाहिए। (एजेंसी)