मनीष तिवारी के सवाल पर कांग्रेसी मंत्री का जवाब, कहा- लगवा लेते तो कहते पहले क्यों लगवाया?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज देश भर में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण (Vaccination Program) की शुरुआत कर दी है। लेकिन इसपर लगातार सवाल भी उठ रहे हैं। पूर्व मंत्री और कांग्रेस सांसद (Congress MP) मनीष तिवारी (Manish Tiwari) ने एक बार फिर वैक्सीन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा वैक्सीन (Corona Vaccine) इतनी किफायती है तो नेता मंत्रियों ने क्यों नहीं लगवाया?। तिवारी के इस सवाल पर पार्टी के नेता और छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) में मंत्री टीएस सिंह देव (T S Singh Deo) ने जवाब देते हुए कहा, “अगर पहले हम लगवा लेते तो यही कहते नेताओं ने पहले क्यों लगवाया उन्हें इसकी जरुरत नहीं थी।”

दरअसल, देश में टीकाकरण शुरू होने को लेकर पत्रकारों से बात करते हुए तिवारी ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “कई प्रतिष्ठित डॉक्टरों ने सरकार के साथ COVAXIN की प्रभावकारिता और सुरक्षा के संबंध में सवाल उठाए हैं और कहा है कि लोग यह नहीं चुन पाएंगे कि वे किस वैक्सीन को लेना चाहते हैं। यह सूचित सहमति के पूरे सिद्धांत के खिलाफ जाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “यदि वैक्सीन इतना सुरक्षित, विश्वसनीय है और वैक्सीन की प्रभावकारिता प्रश्न से परे है तो फिर यह कैसे हो सकता है कि सरकार का एक भी मंत्री खुद पहले टीकाकरण के लिए आगे नहीं बढ़ा है क्योंकि यह दुनिया भर के अन्य देशों में हुआ है?।”

जो सवाल उठा रहे वहीं उसपर चिल्लाते 

तिवारी के सवाल पर उनकी पार्टी के नेता और छत्तीसगढ़ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने उन्हें जवाब दियाएक निजी समाचार चैनल से बात इस मामले पर पूंछे गए सवाल पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा, “देखिए वैक्सीन को लेकर देश में कई लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं लेकिन यह कहना की वैक्सीन सुरक्षित नहीं, अगर सुरक्षित है तो सबसे पहले मुख्यमंत्री, मंत्री, प्रधानमंत्री ने क्यों नहीं लगवाया कहना गलत है।” उन्होंने कहा, “आज जो लोग सवाल उठा रहे हैं, अगर इन सभी ने पहले वैक्सीन लगवा लेते तो यही कहते इन्होने क्यों लगवाया इनको क्या जरुरत है।”

पहले भी उठा चुके हैं सवाल 

ज्ञात हो कि, यह पहला मौका नहीं है जब मनीष तिवारी या कांग्रेस ने वैक्सीन पर सवाल उठाया है। इसके पहले मनमोहन सरकार में मंत्री रहे जयराम रमेश और शशि थरूर ने भी दोनों वैक्सीन पर सवाल उठाया था। दोनों नेताओं ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की विश्वसनीयत उठाते हुए कहा था कि वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल पूरा नहीं हुआ है, जिसके वजह से इसपर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसी के साथ उन्होंने देश में इसके इस्तेमाल नहीं करने की मांग कर चुके हैं।