सिर काटकर फुटबॉल खेलने वाले वीरप्पन की बेटी बीजेपी के साथ जुडी

कृष्णनगर, राजनीति में कभी कोई दुश्मन नहीं होता ना ही कभी कोई दोस्त। सब जरुरत और समझदारी के समीकरण होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है तमिलनाडु में जहां खूंखार चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी विद्यारानी अपने

कृष्णनगर, राजनीति में कभी कोई दुश्मन नहीं होता ना ही कभी कोई दोस्त। सब जरुरत और समझदारी के समीकरण होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है तमिलनाडु में जहां खूंखार चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी विद्यारानी अपने हजारों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गयी। वही वीरप्पन जो कभी भी किसी भी हाथी को सिर के बीचोंबीच गोली मारकर ढेर कर सकता था। हालाँकि अपनी इस कायराना हरकत को वह वीरता कहता था। 

आज इसी चंदन तस्कर वीरप्पन की लड़की विद्यारानी ने बीजेपी का दामन थम लिया। विद्यारानी पेशे से वकील है, उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव के समक्ष, शनिवार को पार्टी की सदस्यता स्वीकार की। विदित हो कि चन्दन तस्कर वीरप्पन को 18 अक्टूबर 2004 को मौत के घाट पुलिस और आर्मी वाले उतार चुके हैं। उसकी की खूंखारता के कई किस्से हैं जिनमे से एक किस्सा है ऑफिसर पी श्रीनिवास का। कहते हैं वीरप्पन ने पहले इसका सर काटा, फिर अपने अन्य साथियों के साथ उस सर से फुटबॉल खेलता रहा। उसकी दरिंदगी के ऐसे कई किस्से हैं। 

 
आज जब उसी तस्कर की कन्या विद्या रानी ने बीजेपी में शामिल होते हुए कहा कि वह जरूरतमंद और असहाय लोगों के लिए काम करना चाहती है। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पॉन राधाकृष्णन भी कार्यक्रम में मौजूद थे। कृष्णनगर में बीजेपी की सदस्यता स्वीकारते हुए विद्यारानी ने कहा कि उसके पिता के रास्ते पूरी तरह गलत थे पर वे हमेशा से ही गरीबों के रहगुजर थे। अब देखना यह है कि वीरप्पन की कन्या को लोग कितना मान देते हैं और खुद विद्या रानी कितनी अच्छी तरह से अपने दामन से वीरप्पन नाम का कलंक धो पाती है।