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    नयी दिल्ली.  जहाँ बंगाल (West Bengal) समेत 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Elections) की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा बीते शुक्रवार को किया गया है। वहीं अब सबको 2 मई को इंतजार है क्योंकि इसी दिन मतगणना (Counting) होगी। बता दें कि चुनाव के तारीखों के ऐलान के साथ ही अब इन प्रदेशों में चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है और इसके साथ ही तमाम राजनीतिक दल अब मतदाताओं को लुभाने की कोशिशों में जुट गए हैं। 

    फिलहाल 2 मई आने में अभी काफी वक्त है लेकिन निजी मीडिया चैनल एबीपी न्यूज और सी-वोटर ओपिनियन पोल के जरिये यह पता करने की कोशिश की गयी है कि बंगाल (West Bengal), असम (Assam), केरल (Kerala), तमिलनाडु(Tamil Nadu) और पुडुचेरी (Puducherry) में अबकी बार किसकी सरकार बनने के आसार हैं। बता दें कि ओपिनियन पोल के जरिए तमाम मीडिया चैनल यह जानने की कोशिश की जा रही है कि बीजेपी(BJP), कांग्रेस (Congress), तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत कई अन्य पार्टियों के लिए फिलहाल कैसी संभावना और समीकरण बनते दिख रहे हैं।

    क्या पुडुचेरी में मिलेगी NDA को सत्ता! 

    आज सबसे पहले बात पुडुचेरी की होगी। अगर इस ओपिनियन पोल की मानें तो, 30 सीटों वाली पुडुचेरी विधानसभा में इस बार बीजेपी की अगुवाई वाले NDA को करीब 46%वोट मिलने की संभावना है तो वहीं कांग्रेस गठबंधन को 36% वोट मिलने की सम्भावना है। अब अगर यही समीकरण सीटों के आधार पर देखें तो NDA को 17 से 21 सीट तो वहीं कांग्रेस गठबंधन को 8 से 12 सीट के आजू बाजु टिकने के आसार हैं।

    क्या अबकी बार केरल में फिर वाम मोर्चा की सरकार! 

    वहीं इस ओपिनियन पोल के जरिए यह भी दिखाया गया है कि केरल में CPI (M) की अगुवाई वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खाते में इस बार 83-91 सीटें जाने की संभावना दिख रही है, तो वहीं कांग्रेस की अगुवाई वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को 47 से 55 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। इसी प्रकार इस बार यहाँ बीजेपी कमजोर दिख रही है और उसके खाते में 0 से 2 सीटें ही जा सकती हैं। इसी तरह वोट अगर प्रतिशत के आधार पर देखें तो LDF को 40% तो UDF को 33 % वोट मिल सकते हैं। वहीं बीजेपी को मात्र 13% वोट मिलने का ही अनुमान है। 

    क्या हैं तमिलनाडु के समीकरण!

    इसी ओपिनियन पोल की मानें तो तमिलनाडु में AIADMK गठबंधन को इस 29% वोट मिलने की सम्भावना है तो DMK गठबंधन को करीब 41% वोट मिलने के बड़े आसार से दिख रहे हैं। वहीं अन्य को करीब 30% वोट मिल सकते हैं। तो क्या इस बार AIADMK की सीटें कट रही हैं। अब यह भी यक्ष प्रश्न है। उसी तरह यह गणित सीटों के आधार पर देखें तो तमिलनाडु में AIADMK  गठबंधन को 58-66 सीटें तो DMK गठबंधन की इस बार फिर से सत्ता में वापसी करती दिख रही है। इस बार DMK गठबंधन को 154-162 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि वहीं अन्य को महज 8 सीटों से ही संतोष करना पद सकता है।

    असम में क्या फिर होगा बीजेपी का वर्चस्व!

    अगर इस ओपिनियन पोल की मानें तो असम में बीजेपी गठबंधन के खाते में इस 42% वोट आते दिख रहे हैं तो कांग्रेस गठबंधन के भी करीब 31% वोट उनकी झोली में आ सकते हैं। वहीं यहाँ भी अन्य कोई बड़ा दांव खेल सकते हैं जिनके खाते में करीब 27% वोट जाने की अपार संभावना है। वहीं इस पोल के मुताबिक, 126 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी गठबंधन के खाते में 68-76 सीटें, तो कांग्रेस गठबंधन को 43-51 सीटें ही मिल सकती हैं। हालाँकि असम में विधानसभा की 126 सीटें और सदन में बहुमत के लिए मात्र 64 सीटें चाहिए। लिहाजा क्या असम में कांग्रेस गठबंधन क्या अन्य के साथ कोई समझौता या समीकरण बना सकती है यह भी देखने योग्य होगा।

      क्या कहती हैं बंगाल की सरगर्मियां…

    आइये अब देखते हैं क्या हालत हैं अब पश्चिम बंगाल के। गौरतलब है कि बीजेपी इस बार अपनी पूरी शक्ति से ममता सरकार को हटाने के लिए तत्पर दिखाई दे रही है। लेकिन अगर यहाँ पर सीटों के आधार पर एक नजर देखा जाये तो ममता बनर्जी की में TMC एक बार फिर राज्य की सत्ता में वापस काबिज होते दिख रही है। ओपिनियन पोल के आंकडों की माने तो TMC को इस बार 148-164 सीटें मिल सकती हैं तो वहीं 200 पार का नारा लगाने वाली बीजेपी को मात्र 92 से 108 सीटों से ही इस बार संतोष करना पड़ सकता है। वहीं सर्वे के हिसाब से देखा जाये तो कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन के खाते में 31-39 सीटें ही जा सकती हैं।

    वहीं पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों में अगर वोट प्रतिशत के आधार पर बात को परखें तो  TMC को 43% तो बीजेपी को 38% वोट मिल सकते हैं।यानी दोनों में 19-20 का फ़र्क रहने वाला है।  कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन को महज यहाँ 13% वोट ही मिलने के आसार हैं। लेकिन वहीं बात बंगाल में 2016 में हुए विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो TMC ने 211, कांग्रेस-लेफ्ट ने 76, बीजेपी ने 3 और अन्य ने 2 सीट जीती थी।

    इस प्रकार देखा जाए तो बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल थोडा कठिन रहने की सम्भावना है। खैर यह तो केवल एक ओपिनियन पोल है और चुनाव के अंतिम समय में कई राजनीतिक पार्टियों के खेल और समीकरण बन-बिगड़ भी सकते हैं। फिलहाल इन विधानसभा चुनावों का सभी को प्रतीक्षा है।