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    कोलकाता. एक खबर के अनुसार ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पश्चिम बंगाल (West Bengal) के कोलकाता में आज होने वाली रैली (Rally) को पुलिस से कोई भी अनुमति नहीं मिलने की वजह से रद्द किया जा चूका है। 

    AIMIM के ममता सरकार पर आरोप:

    दरअसल AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) को अल्पसंख्यक बहुल मेतियाब्रुज इलाके में रैली के जरिए बंगाल विधान सभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections 2021) से पहले पार्टी के प्रचार अभियान का आज आगाज करना था। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश सचिव जमीर उल हसन ने कहा कि पुलिस ने रैली के लिए फिलहाल उन्हें कोई भी इजाजत नहीं दी है। वहीं हसन ने यह भी बताया कि, “हमने तो इजाजत के लिए 10 दिन पहले आवेदन दिया था, मगर रैली से ठीक एक दिन पहले पुलिस ने हमें सूचित किया कि वे हमें रैली करने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। लेकिन हम टीएमसी (TMC) और ममता बनर्जी (Mamta Bannerjee) के ऐसे हथकंडों के आगे झुकेंगे नहीं। हम इस पर अब फिर चर्चा करेंगे और कार्यक्रम की एक नई तारीख आपको बताएंगे।”

    इधर इस इस मामले पर कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) ने कोई भी टिप्पणी करने से फिलहाल इनकार दिया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने रैली के लिए इजाजत नहीं मिलने में अपनी पार्टी की किसी भी प्रकार की कोई भूमिका से इनकार किया है। गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) भी अब बंगाल चुनाव के लिए पूरे जोर-शोर के साथ तैयारी में लग गई है। बता दें कि बिहार चुनाव परिणामों के बाद ही ओवैसी ने पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया था। 

    मुस्लिम बहुल इलाकों में AIMIM लगा सकती है सेंध:

    जहाँ बंगाल चुनाव में एंट्री के बाद से ही ओवैसी अपनी रणनीति तैयार करने में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि AIMIM की निगाह मालदा, दक्षिण 24 परगना, दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद पर है। इन्ही मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी अब सेंधमारी की तैयारी में हैं जिससे अब ममता बनर्जी और TMC को वोट कटने का खतरा सता रहा है। गौरतलब है कि बिहार के सीमांचल इलाके में पांच सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद से ही ओवैसी की निगाह बंगाल जीत की तरफ भी है। इसके लिए ओवैसी ने बिहार के जीते पांचों विधायकों को बंगाल में ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया है। इसके साथ ही तेलंगाना के दो बड़े विधायकों को भी बंगाल चुनाव में सक्रीय किया गया है।