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    नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) ने पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal Assembly Election) के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पहले दो चरणों की 57 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है। शनिवार को नई दिल्ली (New Delhi) स्थित भाजपा मुख्यालय (BJP Headquarter) में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी महासचिव अरुण सिंह (Arun Singh) ने नामों का ऐलान किया। राज्य की सबसे चर्चित सीट नंदीग्राम (Nandigram) से शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) को टिकट दिया गया। 

    सिंह ने कहा, “भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले दो चरणों की 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दी है। वहीं बाघमंडी सीट सहयोगी दल आजसू को दिया गया है।” 

    भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट में मोयना से पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा, खड़गपुर से तपन भुइया, मेदिनीपुर से संबित दास, नयाग्राम से बाकुल मुर्मू, झारग्राम से सुकमय सतपति, बिनपुर सालन सरीन। वहीं नंदीग्राम में इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला होगा। 

    ज्ञात हो कि, शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने चुनाव के लिए 291 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। ममता अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर (Bhavanipore) छोड़ते हुए नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री भवानीपुर से आठ बार चुनाव लड़ीं, जिसमें से उन्हें सात बार जीत मिली है। 

    नंदीग्राम में ममता वर्सेस शुभेंदु अधिकारी 

    राज्य की सबसे चर्चित सीट नंदीग्राम में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। भाजपा ने जहां शुभेंदु को उतारा है, वहीं मुख्यमंत्री बनर्जी ने खुद इस सीट पर लड़ने का ऐलान कर दिया है। अधिकारी परिवार की पारंपरिक सीट कहे जाने वाले नंदीग्राम में 2016 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु को कुल वोट का 63 प्रतिशत से ज्यादा मत लेकर विधायक बने थे। 

    50 हजार से ज्यादा वोटों से हारेंगी ममता 

    टीएमसी छोड़ने के बाद शुभेंदु अधिकारी लगातार मुख्यामंत्री पर हमलावर रहे हैं। राजधानी कोलकाता में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि, “ममता अगर नंदीग्राम से चुनाव लडती हैं तो, उन्हें 50 हजार से ज्यादा वोटों से हराऊंगा।” इसी के साथ उन्होंने कहा था कि, “अगर ऐसा नहीं कर पाया तो हमेशा के लिए राजनीति छोड़ दूंगा।”

    राज्य में आठ चरणों में होगा चुनाव 

    पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराने का निर्णय केंद्रीय चुनाव आयोग ने लिया है। पहले चरण का मतदान 27 मार्च को होगा, दूसरा चरण एक अप्रैल, तीसरा चरण छह अप्रैल, 10 अप्रैल को चौथा चरण, 17 अप्रैल को पांचवा चरण, 22 अप्रैल को छठा चरण, 26 अप्रैल को सातवां चरण और आठवां यानी आखरी चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। वहीं दो मई को चुनाव के परिणाम आएंगे।