EC से मिला बीजेपी प्रतिनिधिमंडल, सभी नगर निगम पर्यवेक्षकों को हटाने की मांग

    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) के मद्देनजर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। जिसने राज्य के अंदर सभी नगर निगमों (Municipal council) और पालिकाओं (Municipal Corporations) में तैनात पर्यवेक्षकों को हटाने की मांग की है।

    आयोग से मिलकर बाहर निकले भूपेंद्र यादव ने कहा, “भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल आज ईसी से मिला। पश्चिम बंगाल में कोलकाता नगर निगम सहित 125 नगर निगमों का कार्यकाल एक साल पहले समाप्त होना चाहिए था। लेकिन राज्य सरकार ने टीएमसी नेताओं को इन स्थानीय निकायों का प्रशासक नियुक्त किया। स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए इन प्रशासकों को हटा दिया जाना चाहिए।”

    इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) और भाजपा नेता भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav), ओम पाठक (Om Pathak), शिशिर भजोरिया (Shishir Bhajoriya) और कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) जैसे नेता शामिल थे। 

    खेला का मतलब पोलिंग बूथ पर कब्जा

    पश्चिम बंगाल प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए कहा, “हुबली में ममता बनर्जी ने कहा कि हम तो खेला करेंगे, खेला क्या होता है मतलब पोलिंग बूथ पर कब्जा, मतदाताओं को डराना, निष्पक्ष चुनाव न होना। ये सब खेला करने की कोशिश TMC करना चाहती है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने सारी जानकारियों से चुनाव आयोग को अवगत कराया।”

    उन्होंने कहा, “एक षड्यंत्र करते हुए 128 नगर पालिका और नगर निगम में TMC के नेताओं को प्रशासक नियुक्त कर दिया, संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने राजनीतिक कार्यकर्ताओं को प्रशासक बनाकर सारी नगरपालिकाओं को अपने अंडर ले रखा है। इससे लगभग 2 करोड़ लोग प्रभावित होंगे।”