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नयी दिल्ली. कांग्रेस (Congress) ने किसान संगठनों की ओर से आहूत ‘भारत बंद’ (Bharat BAndh) को सफल करार देते हुए मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानून (Agriculture Law) तत्काल वापस ले और कृषि संबंधी सुधारों पर चर्चा के लिए संसद का सत्र (Parliament session) बुलाए। पार्टी ने यह भी कहा कि वह कृषि सुधारों के खिलाफ नहीं है, लेकिन इन तीनों कानूनों में सुधार एवं किसानों का हित नहीं दिखाई देता। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Congress Former President Rahul Gandhi), महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा (General Secretary Priyanka Gandhi Vadra) और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने लोगों से ‘भारत बंद’ का समर्थन करने की अपील की था।

पार्टी के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Former Chief Minister Bhupendra Singh Hooda) ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘समाज के सभी तबकों और संगठनों का समर्थन मिला है जिससे साबित होता है कि यह ‘भारत बंद’ सफल रहा है।” उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसान आज इस स्थिति में दिल्ली के निकट बैठे हैं तो इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की है। कोई सरकार किसानों को दिल्ली आने से कैसे रोक सकती है और कैसे ठंड में पानी की बौछार कर सकती है? हरियाणा सरकार के कई मंत्रियों ने भी किसानों का अपमान किया।” हुड्डा ने दावा किया कि इन कानूनों के अमल में आने से रोजमर्रा की जरूरत की सब्जियों और अनाज की जमाखोरी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम कृषि सुधारों के खिलाफ नहीं है, लेकिन इन कानूनों में किसी सुधार का कोई संकेत नहीं मिलता। इसलिए सरकार को इन्हें वापस लेना चाहिए। आप तत्काल संसद का सत्र बुलाकर चर्चा करें कि क्या सुधार लाना चाहते हैं। राज्यों से, संबंधित पक्षों से बात करनी चाहिए। अगर वो किसानों के हित में होगा तो हम उसका स्वागत करेंगे।” हुड्डा ने कहा, ‘‘कांग्रेस के घोषणापत्र में एपीएमसी का उल्लेख होने को लेकर भाजपा की ओर से तथ्यों को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है।

हमने मंडियों के विस्तार की बात की थी और यह किसानों के हित में था।” उन्होंने यह दावा भी किया कि हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार जनता का समर्थन और विधानसभा के भीतर बहुमत गवां चुकी है और अब वहां विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। हुड्डा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विधानसभा का विशेष सत्र होने पर पहले दिन ही अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।” गौरतलब है कि कई किसान संगठनों ने केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया था जिसका कांग्रेस समेत कई प्रमुख संगठनों ने समर्थन किया।