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    नयी दिल्ली. जिस प्रकार देश भर (India) से भारी बारिश (Heavy Rains) के चलते हुई  तबाही की हौलनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं, उससे अब लोगों की रूह भी काँप गयी है। जहाँ एक तरफ हिमाचल, जम्मू-कश्मीर (Himachal, Jammu-Kashmir) से बीते बुधवार को डराने वाले 3 भयंकर मंजर सामने आए। वहीं यहां बादल फटने से 13 लोगों की मौत हो गई है और 40 लापता हैं। इस प्रकार देखा जाए तो बीते एक हफ्ते में बादल फटने और भारी बारिश के बाद फिर खतरनाक लैंड स्लाइड से हुए हादसों में 122 लोगों की जान गई है। 

    एक नजर बीते 7 दिन्दों की खौफनाक घटनाओं पर:

    जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से 4 की मौत

    बीते 28 जुलाई को जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ के होंजर डच्चन गांव में बादल फटने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। अब तक यहाँ से 17 लोगों को बचाया जा चुका है। वहीं 30 से 40 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इधर खराब मौसम की वजह से बचाव के लिए पुलिस और सेना के जवानों को अभी घटनास्थल पर पहुंचने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही घायलों को एयरलिफ्ट करने के लिए एयरफोर्स की भी मदद ली जा रही है।

    अमरनाथ गुफा : बादल फटने से भारी तबाही

    इसके साथ ही बीते 28 जुलाई को अमरनाथ गुफा के पास बुधवार शाम को बादल फटने की घटना हुई है। इससे भारी तबाही मची है। यहाँ पर मौजूद BSF, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के कैंपों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अभी तक किसी की जान जाने की खबर फिलहाल नहीं है। पता हो कि इस साल कोरोना के चलते अमरनाथ यात्रा स्थगित है, इस वजह से गुफा के पास आम लोगों की मौजूदगी भी नहीं थी।

    हिमाचल : लाहौल स्पीति में बाढ़, 9 लोगों की मौत

    वहीँ बीते 27 जुलाई को हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में बीते मंगलवार की रात बादल फटने से एक नाले में भारी बाढ़ आ गई। इस घटना में कई लोगों के बह जाने की आशंका है। यहाँ पर 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 अब भी लापता हैं, जिनकी खोजबीन जारी है। ITBP ने अभी तक तोजिंग नाले से अब तक 6 शव निकाले हैं। चंबा जिले से भी एक शख्स बाढ़ में लापता बताया गया है। कुल्लू की मणिकर्ण घाटी की ब्रह्मगंगा नदी में बाढ़ आने से मां-बेटे के बहने की भी एक बड़ी खबर है। 

    हिमाचल : किन्नौर में लैंड स्लाइड, 9 की मौत

    बीते 25 जुलाई को ही हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बीते रविवार को भयंकर भूस्खलन के बाद पहाड़ी से चट्‌टानें इतनी तेजी से नीचे गिरीं कि बस्पा नदी का पुल ही इससे टूट गया था। इस हादसे में करीब 9 टूरिस्ट की मौत हो गई, 3 की हालत फिलहाल गंभीर है। मृतकों में 4 राजस्थान के, 2 छत्तीसगढ़ के और 1-1 महाराष्ट्र और दिल्ली के थे। बताया गया कि ये पर्यटक ट्रैवलर गाड़ी से सांगला की ओर जा रहे थे। तभी बटसेरी के गुंसा के पास पुल पर चट्‌टानें गिरने से पुल टूट गया और पर्यटकों की यह गाड़ी भी इन पत्थरों और चट्टानों के चपेट में आ गई।

    महाराष्ट्र: रायगढ़ में लैंड स्लाइड, 85 की मौत

    बात अगर महाराष्ट्र की करें तो बीते 22 जुलाई को रायगढ़ में पिछले गुरुवार को भारी बारिश हुई थी। इसके बाद यहाँ हुए लैंड स्लाइड में तलीये गांव में 45 घर मलबे में दब गए थे। इस हादसे में 85 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। वहीं गांव के करीब 90 लोग इसके मलबे में दब गए थे। इनमें 53 के शव निकाल लिए गए हैं और 32 शव अभी भी वहां दबे हुए हैं। इन मृतकों में कई बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। मलबा हटाने के लिए फिलहाल NDRF, SDRF और TDRF की टीमें काम कर रही हैं।

    महाराष्ट्र : सतारा में लैंड स्लाइड, 15 मौतें

    वहीं 22 जुलाई को ही महाराष्ट्र के  सतारा में बीते गुरुवार को लैंड स्लाइड हुई थी। जिसके चलते यहाँ के अंबेघर गांव में हुए इस हादसे में 15 लोगों की जान गई थी। इस दौरान 27 लोगों को को बड़ी मुश्किल से  बचाया गया था।