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नई दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) से जुड़े कैश फॉर क्वेरी मामले (Cash For Query Case) के बाद लोकसभा सचिवालय ने नियमों में बदलाव किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब सिर्फ सांसद ही व्यक्तिगत लॉग-इन का उपयोग कर सकेंगे। अब कोई भी निजी कर्मचारी या कोई तीसरा पक्ष डिजिटल संसद वेबसाइट तक नहीं पहुंच सकेगा।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा, “संसद के आगामी शीतकालीन सत्र से पहले, लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को एक सलाह जारी की है कि निजी कर्मचारी या कोई तीसरा पक्ष डिजिटल संसद वेबसाइट तक नहीं पहुंच सकता है और नोटिस नहीं दे सकता है या प्रश्न प्रस्तुत नहीं कर सकता है। केवल सांसद ही अपने व्यक्तिगत लॉगिन विवरण का उपयोग करके ऐसा कर पाएंगे, जो केवल ओटीपी के साथ मान्य होगा।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि जो केंद्रीय एजेंसियां वर्तमान में विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बना रही हैं, वे 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीछे पड़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार तीन महीने और चलेगी। भाजपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी खेलों का भी भगवाकरण करने की कोशिश कर रही है, जबकि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।

नेताजी इंडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि विभिन्न मामलों में उनकी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद, अब सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की योजना बनाई जा रही है, लेकिन इस कदम से अंततः मोइत्रा को चुनाव से पहले मदद ही मिलेगी। बनर्जी ने कहा, “वर्तमान में विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही केंद्रीय एजेंसियां 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा के पीछे पड़ जाएंगी।” उन्होंने कहा, “अब, वे महुआ को (संसद से) निष्कासित करने की योजना बना रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप वह और अधिक लोकप्रिय हो जाएंगी। जो कुछ वह (संसद के) अंदर कहती थीं, अब वह वही बातें बाहर कहेंगी। कोई बेवकूफ ही चुनाव से तीन महीने पहले ऐसा कुछ करेगा।” बनर्जी के बयान को मोइत्रा के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है जो ‘‘पैसे लेकर सवाल पूछने” के आरोपों से जूझ रहीं हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ)