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    जम्मू कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों के एक ठिकाने से चिपकने वाले (स्टिकी) छह बमों समेत हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद हुआ है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रियासी जिले के एक दूरस्थ गांव में लोगों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर तालिब हुसैन शाह और उसके साथी फैसल अहमद डार को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था, जिसके बाद शाह ने इस ठिकाने के बारे में जानकारी दी।

    उन्होंने बताया कि शाह ने पूछताछ के दौरान राजौरी के द्राज गांव में आतंकवादियों का ठिकाना होने के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद छापा मारा गया और ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया। अधिकारी ने बताया कि ठिकाने से चिपकने वाले छह बम, एक पिस्तौल, पिस्तौल की तीन मैगजीन, पिस्तौल के कारतूस, एक अंडर बैरेल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL), तीन यूबीजीएल ग्रेनेड, एके असॉल्ट राइफल के 75 कारतूस और एंटीना के साथ एक आईईडी रिमोट बरामद हुआ। स्थानीय लोगों ने शाह और उसके कश्मीरी साथी डार को चतुराई से निशस्त्र कर दिया था, जिसके बाद दोनों को तुकसन ढोक में गिरफ्तार किया गया।

    उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक (DGP) दिलबाग सिंह ने ग्रामीणों के साहस की प्रशंसा की और उनके लिए नकद इनाम की घोषणा की। हालांकि शाह के पकड़े जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग छिड़ गयी। वह भाजपा का एक सक्रिय सदस्य बताया जाता है, जिसे हाल में जम्मू प्रांत में पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे के आईटी और सोशल मीडिया प्रकोष्ठ का प्रभारी चुना गया था।

    शाह और डार को ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने तथा पुलिस को सौंपे जाने की खबर आते ही कथित रूप से भाजपा नेताओं के साथ शाह की तस्वीरें और पार्टी के कार्यक्रमों में उसकी भागीदारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं। तस्वीरों में से एक में भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष भाजपा की जम्मू कश्मीर इकाई के प्रमुख रविंदर रैना उसे एक गुलदस्ता देते नजर आ रहे हैं, जबकि एक अन्य में पार्टी के नेता शेख बशीर द्वारा जारी एक पत्र में उसे नौ मई को अल्पसंख्यक मोर्चा (जम्मू प्रांत) के नए आईटी एवं सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।(एजेंसी)