Australian Journalist Avani Dias Claim That She Was Forced To Leave India Not Correct
ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार अवनी डायस

सूत्रों ने बताया कि डायस को अपनी पेशेवर गतिविधियों के दौरान वीजा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद, उनके अनुरोध पर, उन्हें आश्वासन दिया गया कि आम चुनाव के कवरेज के लिए उनका वीजा बढ़ाया जाएगा और उनका पिछला वीजा 20 अप्रैल तक वैध था।

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नई दिल्ली: आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार अवनी डायस (Avani Dias) का यह तर्क गलत और भ्रामक है कि उन्हें चुनाव कवर करने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन की दक्षिण एशिया संवाददाता ने 19 अप्रैल को भारत छोड़ दिया था। उन्होंने मंगलवार को दावा किया कि भारत सरकार ने उनके वीज़ा की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया क्योंकि उनकी रिपोर्ट “अस्वीकार्य” थी।

सूत्रों ने बताया कि डायस को अपनी पेशेवर गतिविधियों के दौरान वीजा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद, उनके अनुरोध पर, उन्हें आश्वासन दिया गया कि आम चुनाव के कवरेज के लिए उनका वीजा बढ़ाया जाएगा और उनका पिछला वीजा 20 अप्रैल तक वैध था। एक सूत्र ने कहा, “ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) की दक्षिण एशिया संवाददाता डायस की यह दलील गलत, भ्रामक और शरारतपूर्ण है कि उन्हें चुनाव कवर करने की अनुमति नहीं दी गई और देश छोड़ने के लिए बाध्य किया गया।”

सूत्रों ने कहा कि डायस ने 18 अप्रैल को वीजा शुल्क का भुगतान किया और उसी दिन उनका वीजा जून के अंत तक बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि हालांकि, डायस ने 20 अप्रैल को भारत छोड़ने का फैसला किया और प्रस्थान के समय उनके पास वैध वीजा था। सूत्रों ने कहा कि चुनाव कवर करने की अनुमति नहीं दिए जाने की उनकी दलील भी तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार वीजा धारकों को मतदान केंद्र के बाहर चुनावी गतिविधियों की कवरेज की अनुमति है।

उन्होंने कहा, “प्राधिकरण पत्रों की आवश्यकता केवल मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों तक तक पहुंच के लिए होती है…।” सूत्र ने कहा कि यह गौर करना उचित होगा कि एबीसी के अन्य संवाददाताओं – मेघना बाली और सोम पाटीदार – को पहले ही उनके पत्र मिल चुके हैं।

(एजेंसी)