Mehbooba Mufta's love for Taliban, said- Afghanistan's government should follow Sharia law
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    जम्मू: भारतीय जनता पार्टी पर जम्मू कश्मीर के लागों को धार्मिक आधार पर ‘बांटने’ का आरोप लगाते हुये पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने संघ शासित प्रदेश को बिक्री के लिए रख दिया है। महबूबा ने संवाददाताओं से यहां कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर को बाहरी लोगों के लिए बिक्री के लिए रख दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि हम दिवालिया हो जाएं ताकि हमे दूसरे राज्यों (के लोगों) पर निर्भर बनाया जा सके। 

    पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष ने दावा किया कि पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर में उनके मुख्यमंत्री रहते जिन परियोजनाओं की शुरूआत की गयी थी, उसे केंद्र की भाजपा की अगुवाई वाली सरकार ने रोक दिया है।  उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आबकारी नीति के तहत शराब कारोबार के ठेके बाहरी लोगों को दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा शराब की खपत की जाएगी,लेकिन इसका आर्थिक लाभ बाहरी लोगों को जाएगा ।”

    उन्होंने दावा किया कि खनन ठेका समेत सभी बड़ी परियोजनायें बाहरी लोगों को आवंटित की गयी है। जम्मू में रिलायंस रिटेल स्टोर खोले जाने के खिलाफ जम्मू के व्यापारियों ने बुधवार को बंद का आह्वान किया है, जिसे महबूबा समर्थन दे रही हैं । उन्होंने कहा कि इस तरह की दुकाने छोटे कारोबारों को नष्ट कर देंगी । उन्होंने कहा, ‘‘देश में हमारे पास जो कुछ भी है, वे (भाजपा सरकार) कारपोरेट घरानों को बेच रही है ।”

    जम्मू कश्मीर में निवेश आने संबंधी पूछे गये एक सवाल के जवाब में महबूबा ने कहा, ‘‘पहले जो भी निवेश हमें मिला था, वह सब नष्ट हो गया । यहां अपनी इकाईयों को बंद कर वे (उद्योग धंधे) यहां से वापस जा चुके हैं ।” उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले कश्मीर में हमले होते थे, लेकिन अब ये जम्मू में हो रहे हैं । महबूबा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जम्मू कश्मीर के लोगों को धार्मिक आधार बांटने का भी आरोप लगाया ।

    उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर एक प्रयोगशाला है जहां वह (बांटो और राज करो नीति) की जांच कर रहे हैं । इसके बाद यह (नीति) दूसरे राज्यों में लागू की जायेगी ।” उन्होंने कहा, ‘‘जो कोई भी किसी मुद्दे को उठाता है, भाजपा उसे राष्ट्र विरोधी करार देती है । एक सरदारजी खालिस्तानी हो जाते हैं, हमलोगों को पाकिस्तानी करार दे दिया गया, भाजपा के लोग केवल अपने आप को हिंदुस्तानी बताते हैं ।”

    उन्होंने दावा किया कि केंद्र की मौजूदा सरकार के पास जम्मू कश्मीर पर कोई स्पष्ट नीति नहीं है । पीडीपी नेता ने कहा, ‘‘नेहरूजी और वाजपेयी जी के पास कश्मीर पर दृष्टि थी । वे जानते थे कि आर्थिक, राजनीतिक एवं भावनात्मक मोर्चे पर उन्हें क्या करना है…इस सरकार के पास कोई दृष्टि नहीं है ।” शहीदों के नाम पर संस्थानों का फिर से नामकरण करने के सरकार के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर महबूबा ने सवाल दागा कि जम्मू कश्मीर के उच्च स्तर की बेरोजगारी से निपटने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या कर रहे हैं । 

    शहीदों के नाम पर संस्थानों के नामकरण के सरकार के फैसले को हुर्रियत ने ‘हिंदुत्व एजेंडा’ करार दिया था । उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी दर 18 फीसदी है । भ्रष्टाचार यहां उच्च स्तर पर है । स्कूलों, गलियों एवं सड़कों के नाम बदल देने से क्या छात्रों को नौकरी मिलेगी । इसलिये, यह सब (नामकरण) बकवास है । महबूबा ने यह भी कहा कि पथराव कोई बीमारी नहीं बल्कि एक लक्षण है और जोर देकर कहा कि बीमारी बढ़ रही है ।