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    नयी दिल्ली/पंजाब. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने आज यानी बुधवार को बड़ा ऐलान किया है। जी हाँ, आज अमरिंदर सिंह ने कहा कि, वह नई राजनीतिक पार्टी का गठन कर रहे हैं, जिसका नाम भी जल्द बता दिया जाएगा। आज अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में अमरिंदर सिंह ने बाकायदा सबसे पहले अपने कार्यकाल में हुए कामों की सम्पूर्ण जानकारी दी। हालांकि, अभी अमरिंदर सिंह ने यह बिलकुल भी स्पष्ट नहीं किया है कि वह आगामी पंजाब चुनाव 2022 में बीजेपी (BJP) या किसी और दल संग गठबंधन करेंगे भी या नहीं। 

    क्या कहा आज 

    आज उन्होंने कहा कि, ” हां, मैं एक पार्टी जरुर बना रहा हूं। अब सवाल ये है कि पार्टी का नाम क्या है, ये तो फिलहाल मैं आपको नहीं बता सकता क्योंकि ये मैं खुद भी नहीं जानता। जब चुनाव आयोग पार्टी के नाम और चिन्ह को मंजूर करता है, तब मैं आपको बता दूंगा।” इसके साथ ही आज पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच साल पुराना कांग्रेस का घोषणा पत्र भी दिखाया। कैप्टन ने इस बात का भी हिसाब दिया कि उनके कार्यकाल में पंजाब में कितना काम हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में काफी काम किया गया है। साथ ही ये दावा किया गया कि मेनिफेस्टो का 92% काम पूर्ण हो चूका है, वहीं कुछ काम ऐसे थे जो फिलहाल पूरे नहीं हो सकते थे।

    कांग्रेस को खरी-खरी 

    इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर ने कांग्रेस हाईकमान को भी दो टुक में जवाब दिया। अपने 18 पॉइंट प्रोग्राम पर उन्होंने कहा कि, हमने सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक कर यह साफ़ बता दिया था कि यहाँ हमने क्या काम किया है।” गौरतलब है कि 79 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह के 52 वर्ष के राजनीतिक करियर में ऐसा दूसरी बार होगा जब वह अपनी खुद की पार्टी का गठन करेंगे। पता हो कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साल 1992 में शिरोमणि अकाली दल से अलग होकर शिरोमणि अकाली दल (पंथक) पार्टी का गठन किया था। हालांकि, तब उनका उअपनी पार्टी गठित करने का अनुभव बेहद कड़वा रहा था।

    क्या कहा सिद्धू के बारे में 

    इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को चुनौती देते हुए कहा कि, जहां तक सिद्धू की बात है, वह जहां से भी लड़ेंगे, हम उनसे बिल्कुल चुनाव लड़ेंगे।

    क्या पंजाब में बदलेंगे राजनीतिक हालात

    गौरतलब है कि कैप्टन के अपनी पार्टी बनाने के बाद पंजाब के राजनीतिक हालातों को बदलने की अब पूरी-पूरी संभावना है। आखिर हो भी क्यों न, कैप्टन 21 वर्षों से कांग्रेस की सक्रिय राजनीतिक का प्रमुख हिस्सा भी तो रहे है। वह इस दौरान 3 बार कांगेस के प्रदेश प्रधान रहे और 2 बार मुख्यमंत्री रहे। अब ये तो बनी बात है कि कैप्टन कांग्रेस को तोड़ने का भरपूर प्रयास करेंगे। चूंकि कांग्रेस वर्तमान में राजनीतिक रूप से अस्थिर भी चल रही है। अंजाम चाहे जो हो पर फिलहाल तो कैप्टन अमरिंदर अपनी नयी राह पर निकल चुके हैं।