Megha Engineering and Infrastructure Ltd

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरों ने इस्पात मंत्रालय के एनएमडीसी आयरन एंड स्टील प्लांट के 8 अधिकारियों समेत मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ एनआईएसपी के लिए ₹315 करोड़ के प्रोजेक्‍ट के क्र‍ियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर मामला दर्ज किया है।

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नवभारत डिजिटल टीम: देश की राजनीतिक पार्टियों को चुनावी बॉन्‍ड योजना के जरिए सबसे ज्यादा डोनेशन देने वालों में से एक मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Megha Engineering) के अधिकारियों पर भ्रष्‍टाचार के आरोप लगे हैं। सीबीआई ने इन अधिकारियों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार को लेकर मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि इस अधिकारियों पर 315 करोड़ रुपये के धांधली का आरोप है। जानकारी के लिए बता दें कि इस कंपनी ने राजनीत‍िक दलों को चुनावी बॉन्‍ड के जर‍िए 1200 करोड़ रुपए का चंदा द‍िया था।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरों के अनुसार, इस्पात मंत्रालय के एनएमडीसी आयरन एंड स्टील प्लांट के 8 अधिकारियों समेत मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ यह मामला दर्ज किया है। सीबीआई की ओर से इन अध‍िकार‍ियों पर एनआईएसपी के लिए ₹315 करोड़ के प्रोजेक्‍ट के क्र‍ियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार का आरोप है।

अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि जगदलपुर एकीकृत इस्पात संयंत्र से संबंधित कार्यों के लिए मेघा इंजीनियरिंग के 174 करोड़ रुपये के बिलों को मंजूरी देने में लगभग 78 लाख रुपये की कथित रिश्वत दी। प्राथमिकी में एनआईएसपी और एनएमडीसी के आठ अधिकारियों और मेकॉन के दो अधिकारियों को भी कथित तौर पर रिश्वत लेने के लिए नामित किया गया है।

गौरतलब है कि कंपनी ने 966 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे और वह इन बॉन्ड की दूसरी सबसे बड़ी खरीदार है। चुनाव आयोग के 21 मार्च को जारी आंकड़ों के अनुसार मेघा इंजीनियरिंग चुनावी बॉन्ड की दूसरी सबसे बड़ी खरीदार थी और उसने भाजपा को लगभग 586 करोड़ रुपये की सबसे अधिक राशि का दान दिया था। कंपनी ने बीआरएस को 195 करोड़ रुपये, डीएमके को 85 करोड़ रुपये और वाईएसआरसीपी को 37 करोड़ रुपये का दान दिया। टीडीपी को कंपनी से करीब 25 करोड़ रुपये मिले, जबकि कांग्रेस को 17 करोड़ रुपये मिले।