chhattisgarh-rahul-trapped-in-borewell-was-rescued-rescue-operation-lasted-for-more-than-104-hours

    जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) के जांजगीर-चांपा जिले के पिहरीद गांव में एक 10 साल का बच्चा बोरवेल (Borewell) में गिर गया था। हालांकि, करीब 104 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद इस बच्चे को बाहर निकाला गया है। इस 10 साल के बच्चे का नाम राहुल साहू (Rahul Sahu) है। राहुल को बचाने के लिए रेस्क्यू दल करीब 65 फीट गहरे गड्ढे में उतरी थी। राहुल की जान बचाने के लिए रेस्क्यू दल ने सुरंग बनाई। लेकिन, सुरंग के रास्ते में बार-बार मजबूत चट्टान आ जाने से इस अभियान को पूरा करने के लिए रेस्क्यू दल को 4 दिन लगा। 

    राहुल (Rahul Sahu) को बोरवेल से बाहर निकालने के बाद वहां मौजूद मेडिकल टीम ने उसके स्वास्थ्य की जांच की। इसके बाद राहुल को  बेहतर इलाज के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अपोलो अस्पताल बिलासपुर भेजा गया।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल के बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाले जाने पर खुशी जताई है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “सभी की प्रार्थनाओं और बचाव दल के अथक, समर्पित प्रयासों से, राहुल साहू को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हमारी कामना है कि वह जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।”

    वहीं राहुल को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन की अगुवाई कर रहे आर्मी ऑफिसर गौतम सूरी ने कहा कि, ‘यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था। टीम के सदस्यों के संयुक्त प्रयासों से राहुल को सफलतापूर्वक बचाया। यह हम सभी के लिए बहुत बड़ी सफलता है। सेना के करीब 25 अधिकारियों को यहां तैनात किया गया था।’

    इसके अलावा जांजगीर के कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने कहा, ‘ यह हमारी और हमारी टीम की जीत है। यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति थी। प्रशासन की ओर से हमें हर तरह की मदद दी गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए थे। हम राहुल को बिलासपुर के अपोलो अस्पताल ले जा रहे हैं।’

    बता दें कि, 10 जून को राहुल अपने घर के पास खुले हुए बोरवेल में गिरकर फंस गया था। इसके बाद इस घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। बोरवेल में फंसे राहुल तक समय रहते ही ऑक्सीजन पहुंचाया गया। इतना ही नहीं कैमरा लगाकर राहुल की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही थी। 

    राहुल को बचाने के लिए एनडीआरएफ और सेना के साथ जिला प्रशासन की टीम ने ड्रीलिंग करके बोरवेल तक पहुँचने के लिए सुरंग बनाया। सुरंग बनाने के दौरान कई बार मजबूत चट्टान आई, इस वजह से अभियान में देरी हुई। हालांकि, 104 से अधिक घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद राहुल को जीवित बाहर निकाला गया। 

    छत्तीसढ़ मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी कि राहुल साहू को बिलासपुर अपोलो अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल उन्हें विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम की निगरानी में आईसीयू में रखा गया है।