कांग्रेस हाईकमान ने नहीं स्वीकारा नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा, आज समाधान की संभावना

    नई दिल्ली. पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) के भीतर घमासान जारी है। नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu Resigns) ने पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन अब खबर है कि नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया कि नेतृत्व ने राज्य के नेताओं से पहले अपने स्तर पर मामले को सुलझाने को कहा है।

    कांग्रेस विधायक बावा हेनरी ने कहा, “नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा (पंजाब कांग्रेस प्रमुख के रूप में) स्वीकार नहीं किया गया है, जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा। 3-4 मुद्दे हैं, पार्टी फोरम में उनकी चर्चा हो रही है, आलाकमान उनका समाधान करेगा।”

    वहीं इस मामले में पंजाब कैबिनेट में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा, “एक-दो छोटे-छोटे मुद्दे हैं, आपस में गलतफ़हमी की वजह से विश्वास टूटा। कोई बड़ी बात नहीं है, कल सारा मसला सुलझ जाएगा।”

    गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा है। जिसमें उन्होंने कहा कि, “किसी भी शख्स के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है। मैं पंजाब के भविष्य को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं। इसलिए मैं पंजाब प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मै कांग्रेस की सेवा करना जारी रखूंगा।

    हालांकि सिद्धू ने इस फैसले के पीछे का सही कारण का खुलासा नहीं किया है। अगर सूत्रों की माने तो सिद्धू का यह कदम राज्य में कुछ नौकरशाही नियुक्तियों को लेकर असहमति को लेकर था।

    उधर कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा मीडिया से बात करते हुए ने कहा, “उन्होंने (नवजोत सिंह सिद्धू) पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ स्टैंड लिया था…, अगर उनके सुझावों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अवाक अध्यक्ष नहीं बनना चाहेंगे।”उन्होंने कहा, “हम नवजोत सिंह सिद्धू से अनुरोध करेंगे कि वे अपना इस्तीफा वापस लें। इसके साथ ही हम पार्टी हाईकमान से उम्मीद करते हैं कि एक अच्छा नेता हमें पंजाब में मिला है, आप उनकी शिकायतों का निवारण करें।”