MP Assembly Election 2023
फाइल फोटो

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए कई वर्तमान सांसदों के स्थान पर दूसरे नेताओं को टिकट दिए जाने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी पर कटाक्ष करते करते हुए कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि क्या ये सांसद ‘नकारा’ थे। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि अगर यह सांसद ‘नकारा’ थे तो भाजपा को जनता पर इन्हे पांच वर्षों के लिए थोपने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया, ‘‘ क्या यही 400 पार वाली सूची है?”  भाजपा ने शनिवार को लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (वाराणसी), गृह मंत्री अमित शाह (गांधीनगर) और कहीं अन्य केंद्रीय मंत्रियों के नाम हैं। रमेश बिधूड़ी, प्रवेश वर्मा, हर्षवर्धन, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कुछ अन्य सांसदों को इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया गया है।  खेड़ा ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘‘आज भाजपा के दो सांसदों गौतम गंभीर और जयंत सिन्हा ने कहा कि वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते। कई समझदार लोग अब भाजपा से किनारा करना चाहते हैं।” 

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने 195 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जिसमें कई मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिए गए। प्रधानमंत्री जी और भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए कि जिन सांसदों के टिकट काटे गए क्या वो सभी नकारा थे? अगर वो नकारा थे तो उसके लिए प्रधानमंत्री और भाजपा को जनता से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने ऐसे लोगों को पांच साल तक जनता पर थोप दिया।” 

उन्होंने कटाक्ष किया, ‘‘यह बार-बार कहा जाता है कि सभी लोग प्रधानमंत्री के नाम से चुनाव जीतते हैं। अगर ऐसा है तो क्या प्रज्ञा ठाकुर प्रधानमंत्री के नाम पर चुनाव नहीं जीत सकती थीं? क्या मीनाक्षी लेखी और रमेश बिधूड़ी इस बार प्रधानमंत्री के नाम पर चुनाव नहीं जीत पाते?”  उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ को एक बार फिर से उम्मीदवार बनाए जाने का मतलब यह है कि प्रधानमंत्री और भाजपा को किसानों से नफरत है।

कांग्रेस प्रवक्ता और सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि गौतम गंभीर और जयंत सिन्हा का चुनाव लड़ने से मना करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा का जहाज डूब रहा है। उन्होंने कहा,‘‘बेरोज़गारी, महंगाई, गरीबी के अन्याय का जब हिसाब होगा तो पूरी भाजपा साफ हो जाएगी। यह लोग समझ गये हैं कि भ्रामक प्रचार और खोखले दावों का वक़्त लद गया है, तो इन्होंने पहले ही भाजपा से दूरी बना ली है।”