महाराष्ट्र में हालात बेहद चिंता जनक, राज्य में एक लाख से ज्यादा सक्रिय मामले

    नई दिल्ली: देश में कोरोना (Corona Virus) के बढ़ते मामलों के बीच गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय (Central Health Ministry) ने प्रेसवार्ता का आयोजना किया। जिसको संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने कहा, “महाराष्ट्र (Maharashtra) में हालात बेहद चिंता जनक बनी हुई है। मौजूदा समय में 1 लाख से अधिक सक्रिय मामले राज्य में हैं।”

    भूषण ने कहा, “मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा टिपिंग पॉइंट पर हैं। हमने इन राज्यों के साथ तीन बैठकें की हैं, जहां उन्हें अपने मोजे खींचने के लिए कहा गया है।” उन्होंने कहा, “देश में रिकवरी रेट 97% पर बना हुआ है। कोविड से होने वाली मृत्यु दर 1.4% है और सक्रिय मामलों की दर 1.6% है।

    2.43 करोड़ को लगा टीका   

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “अब तक, भारत ने 2.43 करोड़ टीकाकरण किए हैं। Pvt सुविधाओं के सक्रिय सहयोग से टीकाकरण में तेजी आई है। कोरोना वायरस की 71% डोज़ सरकारी अस्पतालों में लगाई गई है और 28.77% डोज़ प्राइवेट अस्पतालों में लगाई गई।”

    मंत्रालय ने आगे कहा, “AEFI (टीकाकरण के बाद की प्रतिकूल घटना) अब तक किए गए कुल टीकाकरण का 0.020% है।”

    हम महाराष्ट्र को लेकर बहुत चिंतित  

    नीति आयोग में स्वास्थ्य सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा, “हम महाराष्ट्र को लेकर बहुत चिंतित हैं। यह एक गंभीर मामला है। इसके दो सबक हैं- वायरस को न लें और अगर हमें कोरोना मुक्त रहना है, तो, हमें कोरोना के खिलाफ उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की आवश्यकता है।”

    कम जांच और बड़ी सभाओं ने बढ़ाया

    भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा, “महाराष्ट्र ने एक चिंताजनक प्रवृत्ति दिखाई है। मामलों में इस उछाल में उत्परिवर्ती तनाव नहीं पाया गया है। यह सिर्फ कम परीक्षण, ट्रैकिंग, अनुरेखण और कोरोना अनुचित व्यवहार और बड़ी सभाओं से संबंधित है।”