RSS demands strict action against the culprits on the attacks on Hindus in Bangladesh, says the attacks are a well-planned conspiracy to evict minorities
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    नई दिल्ली/धरवाड़: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक 28 अक्टूबर से कर्नाटक (Karnataka) के धारवाड़ जिले में होगी जिसमें हाल में बांग्लादेश (Bangladesh) में हिन्दुओं (Hindus) के विरूद्ध हिंसा (Violence Against Hindus In Bangladesh) की घटनाओं को लेकर चर्चा होगी और इस मुद्दे पर सर्वसम्मत निर्णय होने पर प्रस्ताव भी पारित होने की संभावना है।

    आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने धारवाड़ में संवाददाताओं को यह जानकारी दीं। उन्होंने बताया, ‘‘ पिछले कुछ समय से बांग्लादेश में हिन्दुओं पर निरंतर हमले हुए हैं, हिंसा की घटनाएं हो रही हैं । इन घटनाओं की विश्व भर में निंदा हुई है। कार्यकारी मंडल की बैठक में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को लेकर चर्चा होगी, सर्वसम्मत निर्णय होने पर प्रस्ताव भी पारित होने की संभावना है ।”

    आंबेकर ने कहा कि वर्ष 1925 में संघ की स्थापना हुई थी और 2025 में संघ के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं, ऐसे में संघ के कार्य विस्तार की दृष्टि से विचार किया गया था और तीन वर्ष की योजना पर कार्य चल रहा है तथा इस योजना पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा होगी। वहीं, दिल्ली में संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि 28 से 30 अक्टूबर तक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी परिषद की बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित वरिष्ठ प्रचारक, देश भर से करीब 350 प्रचारक एवं पदाधिकारी तथा कुछ चुनिंदा अनुषंगी संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

    उन्होंने बताया, ‘‘ हर वर्ष मार्च में संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक होती है जिसमें लिये गए निर्णयों एवं तय किये गए कार्यक्रमों की छह महीने बाद अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में समीक्षा की जाती है। समसामयिक विषयों पर चर्चा के अलावा संगठन एवं शाखाओं के विस्तार तथा प्रशिक्षण कार्यों का लेखाजोखा होगा और आगे के कार्यों की रूपरेखा तैयार की जायेगी। ”

    वहीं, संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख आंबेकर ने कहा कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जुलाई माह की बैठक (प्रांत प्रचारक बैठक) में कार्यकर्ताओं के विशेष प्रशिक्षण पर विचार हुआ था और उसके बाद देशभर में 1.5 लाख से अधिक स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम हो चुका है तथा 10 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है । उन्होंने कहा कि आशा है कि तीसरी लहर न हो, लेकिन फिर भी परिस्थिति की समीक्षा के साथ तैयारी को लेकर चर्चा होगी । उन्होंने कहा कि कार्यकारी मंडल में श्री गुरु तेगबहादुर जी के 400वें प्रकाश वर्ष पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा होगी । (एजेंसी)