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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) ने लेफ्ट (Left) और विपक्ष (Opposition) पर कृषि कानूनों (Agriculture Bills) को लेकर चल रहे किसान आंदोलन (Farmer Protest) को हाईजैक करने का आरोप लगाया है. मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने कहा, “कुछ वामपंथी दल किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति साधने की कोशिश कर रहे हैं। इनसे दोगली पाखंडी पार्टी और कोई नहीं। इन्होंने दोगलेपन की सारी सीमाओं को लांघ दिया है। इन्होंने किसानों पर कई अत्याचार किए हैं। ये बात अलग है कि वे आज दिखावा कुछ और कर रहे हैं.”  

मोदी जी के लिए किसान अन्नदाता और भगवान 

भाजपा ने कहा, “नरेंद्र मोदी जी की सरकार और स्वयं मोदी जी जो हिंदुस्तान के मुख्य सेवक हैं वे किसानों को अन्नदाता और भगवान मानते हैं। हमने देखा कि आज बहुत से किसान संगठन तीन बिलों के समर्थन में उतरे हैं कृषि मंत्री से उन्होंने मुलाकात भी की और मोदी जी को धन्यवाद दिया है।”

केरल में APMC का कानून क्यों नहीं?

संबित पात्रा ने लेफ्ट पार्टियों पर हमला बोलते हुए कहा, “केरल के मुख्यमंत्री पीनराई विजयन इस विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की कोशिश कर रहे थे। मगर उनको बताना चाहिए कि आखिर क्यों केरल में APMC का कानून नहीं है। आप वामपंथियों का दोगलापन देखिए। ये पूरे हिंदुस्तान में APMC कानून को लेकर भ्रमजाल फैला रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “1993 से 2018 तक 25 वर्षों तक त्रिपुरा में वामपंथ की सरकार रही। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि त्रिपुरा में इन 25 वर्षों तक कोई भी MSP नहीं था। 25 वर्षों तक वामपंथ के अंतर्गत त्रिपुरा एकमात्र ऐसा राज्य था जहां पर MSP लागू नहीं होती थी।”