Farmers Protest haryana police detained farmers

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नवभारत डिजिटल टीम: ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन (Farmers Delhi Chalo March) में भाग लेने वाले किसान नेताओं (Farmers Protest 2.0) ने सोमवार को सरकारी एजेंसियों द्वारा पांच साल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर दालों, मक्का और कपास की खरीद के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि यह किसानों के हित में नहीं है। किसान नेताओं ने घोषणा की कि वे बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच करेंगे। इस बीच, सरकार ने किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े करीब 177 सोशल मीडिया खातों और वेब लिंक को अस्थायी रूप से ‘ब्लॉक’ करने का आदेश दिया है। जबकि हरियाणा सरकार ने कम से कम 50 किसानों को गुरूग्राम पुलिस ने मानेसर में हिरासत में ले लिया। 

प्रदर्शनकारी किसान (पीटीआई फोटो )

जानकारी के लिए बता दें कि पंजाब के प्रदर्शनकारी किसान 13 फरवरी से हरियाणा के साथ लगती राज्य की सीमा पर शंभू और खनौरी में डेरा डाले हुए हैं। पुलिस ने उस दिन उनके ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन को रोक दिया था। मार्च का आह्वान किसानों की मांगों पर दबाव डालने के लिए एसकेएम से अलग हुए समूह एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा द्वारा किया गया था।  

177 सोशल मीडिया खातों को ‘ब्लॉक’ करने का आदेश

इस बीच, केंद्र कि बीजेपी सरकार ने किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े करीब 177 सोशल मीडिया खातों और वेब लिंक को अस्थायी रूप से ‘ब्लॉक’ करने का आदेश दिया है।उन्होंने बताया कि यह आदेश इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के अनुरोध पर आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) अधिनियम की धारा 69ए के तहत 14 और 19 फरवरी को जारी किए।   

प्रदर्शनकारी किसान (पीटीआई फोटो )
 

सूत्रों ने कहा, ‘‘कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय के अनुरोध पर 177 सोशल मीडिया खातों और वेब लिंक को अस्थायी रूप से ‘ब्लॉक’ करने के आदेश जारी किए गए हैं।”  उन्होंने बताया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, स्नैपचैट और कुछ अन्य सोशल मीडिया मंचों के खातों और लिंक को ‘ब्लॉक’ करने का आदेश दिया गया है।  सूत्र ने बताया कि किसान आंदोलन खत्म होने के बाद इन खातों को बहाल किया जा सकता है। 

हिरासत में लिए गए 50 किसान

वहीं, हरियाणा सरकार द्वारा खरीदी गई 1800 एकड़ से अधिक कृषिभूमि के मुआवजे को ‘अनुचित’ बता दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे कम से कम 50 किसानों को गुरूग्राम पुलिस ने मानेसर में हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को दो बसों से मानेसर पुलिस लाइंस ले जाया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें मानेसर के पांच गांवों में 1810 एकड़ जमीन का उचित दाम नहीं दिया गया , इसलिए उन्होंने मंगलवार को दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

हिरासत में लिए गए किसान (पीटीआई फोटो )

पुलिस ने सूचना मिलने के बाद सोमवार देर शाम को कई किसान नेताओं को नोटिस भेजा लेकिन किसान दक्षिण हरियाणा किसान खाप समिति के बैनर तले मंगलवार सुबह मार्च के लिए इकट्ठा हो गये। एक अधिकारी ने बताया कि इन किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने से रोकने के लिए मानेसर में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया था। पूरे मानेसर को सुबह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पूर्वाह्न जब किसान दिल्ली की ओर बढ़ने लगे तब पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मानेसर के सहायक पुलिस आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इलाके में धारा 144 लगायी गयी है और पुलिस उल्लंघनकर्ताओं से सख्ती से निपटेगी। 

हिरासत में लिए गए किसान (पीटीआई फोटो )

सुरक्षाकर्मियों को सतर्क रहने के आदेश 

प्रदर्शनकारी किसानों के प्रस्तावित दिल्ली मार्च से एक दिन पहले मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने टीकरी, सिंघू और गाजीपुर सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया और मंगलवार को अभ्यास किया। पुलिस ने यह कदम तब उठाया जब एक दिन पहले ही प्रदर्शनकारी किसानों ने पांच सालों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी एजेंसियों के मार्फत दालें, मक्का और कपास की फसलें खरीदने के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इन किसानों ने बुधवार को अपना ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन पर आगे बढ़ने की घोषणा की।

प्रदर्शनकारी किसान (पीटीआई फोटो )

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि इन तीन सीमाओं पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को मंगलवार को सतर्क रहने को कहा गया है । उन्होंने कहा कि यात्रियों को दिक्कत हो सकती है। संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ‘दिल्ली चलो’ मार्च की अगुवाई कर रहे हैं। दिल्ली और हरियाणा के बीच दो सीमा मार्गों -टीकरी और सिंघू को पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती के साथ सील कर दिया गया है तथा वहां कंक्रीट एवं लोहे की कील के कई स्तरीय बैरीकेड लगाये गये हैं। गाजीपुर सीमा के दो लेन भी बंद कर दिये गये हैं।एक अधिकारी ने बताया कि यदि जरूरत हुई तो बुधवार को गाजीपुर सीमा भी बंद की जा सकती है।