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    गुवाहाटी. असम (Assam) से एक हैरान कर देने वाले मामले के अनुसार, यहां के तेजपुर शहर में शॉर्ट्स पहनकर परीक्षा देने गई एक छात्रा को एग्जाम हाल के बाहर ही रोक दिया गया। जब काफी मिन्नतों के बाद उसे परीक्षा कक्ष में एंट्री दी गई, तो इसके पहले छात्रा के पैर में पर्दे लपेटे गए। अब इस मामले को लेकर छात्रा के परिवार ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए शिक्षा मंत्री से इस बाबत अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

    बता दें कि जुबली तमुली नाम की छात्रा ने इसी साल अपना इंटर पास किया है। इसके बाद छात्रा ने असम कृषि विश्वविद्यालय (AAU) में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। वहीं यूनिवर्सिटी का एंट्रेस एग्जाम बुधवार को था। तब तेजपुर स्थित गिरिजानंद चौधरी इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइसेंस में छात्रा का सेंटर था।

    एग्जाम हाल के बाहर ही रोका

    पता हो कि सेंटर से छात्रा का घर करीब 70 किलोमीटर दूर था। वह अपने पिता के साथ सेंटर पहुंची। बताया जा रहा है कि तब छात्रा ने टॉप और शॉर्ट्स पहन रखी थी। छात्रा सेंटर में अंदर तो पहुंची। लेकिन जब वह परीक्षा हॉल में जाने लगी तो निरीक्षक ने उसे बाहर रोक दिया और अंदर जाने की जरुरी इजाजत नहीं दी।

    ये थे छात्रा का तर्क

    इस बाबत जब छात्रा ने कारण पूछा तो निरीक्षक ने कहा कि वह शॉर्ट्स पहनकर एग्जाम सेंटर आई है, इसलिए उसे परीक्षा कक्ष में नहीं जाने दिया जाएगा। छात्रा ने निरीक्षक से कहा कि हाल ही में उसने NEET एंट्रेंस भी इसी तरह शॉर्ट्स पहनकर दी थी। उसे तब तो वहां नहीं रोका गया था।

    कक्ष निरीक्षक ने नहीं दी बैठने की इजाजत 

    छात्रा ने यह भी बहस की आवेदन पत्र से लेकर प्रवेश पत्र तक में इस तरह का कोई इंस्ट्रक्शंस नहीं थे। कोई ड्रेस कोड भी नहीं लिखा था इसलिए वह सामान्यता जो पहनती है वैसे ही कपड़ों में एंट्रेंस देने आई है लेकिन निरीक्षक ने उसकी एक नहीं सुनी।

    फुल पैंट लेने बाजार दौड़े लड़की के पिता

    इधर जब छात्रा रोती हुई अपने पिता के पास गई। तब उसके पिता उसे लेकर तुरंत परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचे। तो नियंत्रक ने कहा कि, अगर उसे परीक्षा देनी है तो वह फुल पैंट पहनकर आए। तब लड़की के पिता आनन-फानन में बाजार गए, जो वहां से करीब आठ किलोमीटर दूर था।

    छुटने लगी परीक्षा तो लपेटने को दे दिया पर्दा

    लेकिन इधर लड़की की परीक्षा शुरू हो गई थी। जब घबराई छात्रा रोने लगी तो परीक्षा नियंत्रक ने उसे स्कूल में ही टंगे पर्दे दिए और कहा कि वह इन्हें लपेटकर परीक्षा कक्ष में जा सकती है। जुबली ने बताया कि उसे इससे बहुत दुख हुआ। परीक्षा के दौरान बार-बार पर्दा पैरों से नीचे गिर रहा था और वह बार-बार अपने पेपर की जगह उसे ही संभाल रही थी। अब इन हरकतों से दुखी होकर लड़की के माता पिता और स्वयं लड़की ने अब इस बाबत शिक्षा मंत्री से अपनी शिकायत दर्ज कराई है।