केरल में बारिश का तांडव, भूस्खलन-बाढ़ से 6 लोगों की मौत, एक दर्जन से अधिक लापता; NDRF की 11 टीम होगी तैनात

    नई दिल्ली. केरल (Kerala) में भारी बारिश (Heavy Rain) जारी है जिससे यहां हालात पूरी तरह बिगड़ गए हैं। भारत मौसम विभाग (IMD) ने पांच जिलों के लिए रेड अलर्ट, सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और दो जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब साफ है कि आनेवाले समय में राज्य में मूसलाधार बारिश होनेवाली है। फिलहाल राज्य में भारी हो रही है और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गावों से संपर्क टूट गया है।

    उधर इडुक्की जिले के कोट्टायम और कोक्कयार में भूस्खलन और बाढ़ के चलते छह लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा, एक दर्जन लोग लापता हो गए हैं। ऐसे में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) दक्षिणी एवं मध्य हिस्से में 11 टीमों की तैनाती करेंगी।

    भारतीय मौसम विभाग ने केरल के पठानमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर समेत कई जिलों में अधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इस जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझीकोड और वायनाड जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    IMD ने एक बयान में कहा, “केरल तट से दूर दक्षिणपूर्व अरब सागर पर निम्न दबाव के चलते केरल में 17 अक्टूबर की सुबह तक अलग-अलग भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद 19 अक्टूबर की सुबह से बारिश में कमी आने के आसार हैं।”

    उधर पठानमथिट्टा जिले के रन्नी शहर में भारी बारिश और केरल के तट से दूर अरब सागर के दक्षिण-पूर्व में कम दबाव के बनने से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

    वहीं भारी वर्षा के कारण जलाशय के जल स्तर में वृद्धि के बाद पठानमथिट्टा में मनियार बांध के शटर खोले गए। इसके बाद केरल के तट से दूर अरब सागर के दक्षिण-पूर्व में निम्न दबाव का निर्माण हुआ।

    एनडीआरएफ केरल के दक्षिणी एवं मध्य हिस्से में 11 टीमों की तैनाती करेगी जहां भारी बारिश हुई है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एस. एन. प्रधान ने एक ट्वीट कर बताया कि “केरल के कई जिलों में संभावित बाढ़/जलजमाव और बारिश के लिए जारी रेड अलर्ट को देखते हुए” टीमों को भेजा जा रहा है। मलप्पुरम, अलपुझा, एर्णाकुलम, त्रिशूर, पथनमथिट्टा, पलक्कड़, कोट्टायम, कन्नूर और कोल्लम में एक-एक टीम की तैनाती की जाएगी।

    एनडीआरएफ की एक टीम में सामान्य तौर पर 47 कर्मी होते हैं जो वृक्ष एवं लकड़ी काटने वाली मशीनों, संचार उपकरण, नाव और मेडिकल किट से लैस होते हैं ताकि प्रभावित लोगों को बचाया जा सके और राहत अभियान शुरू किया जा सके। राज्य सरकार ने बचाव अभियान के लिए सेना एवं वायुसेना से सहायता मांगी है।